प्रसेनजीत
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस ने अपनी पार्टी के नेता राहुल गांधी की रैलियों को लेकर प्रशासन और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में आरोप लगाया कि राजनीतिक रैली करना हर दल का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कांग्रेस को बार-बार अनुमति से वंचित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जहां भाजपा और तृणमूल कांग्रेस को राज्य में रैलियों की पूरी छूट मिल रही है, वहीं कांग्रेस के साथ भेदभाव किया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी की कोलकाता और श्रीरामपुर में प्रस्तावित रैलियां पहले 23 अप्रैल को होनी थीं, लेकिन पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें स्थगित करना पड़ा।
बाद में अनुमति मिलने के बाद अब ये रैलियां 25 अप्रैल को शहीद मीनार मैदान और श्रीरामपुर में आयोजित की जा सकती हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने दावा किया कि राहुल गांधी की रैलियों में उमड़ रही भीड़ से तृणमूल और भाजपा दोनों चिंतित हैं। वहीं, सुप्रिया श्रीनेत ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है।
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 91 लाख मतदाताओं का नाम हटाना अमानवीय है। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विवादित टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा बंगाल की महान विभूतियों का सम्मान नहीं करती।
श्रीनेत ने यह भी कहा कि राजनीतिक विचारधारा में मतभेद के कारण भाजपा नेता अमित शाह और योगी आदित्यनाथ द्वारा महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। श्रीनेत ने अंत में कांग्रेस को राज्य में एक मजबूत और वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया।