सन्मार्ग संवाददाता
नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर एन रवि को पूर्व प्रधान न्यायाधीश यू यू ललित की अध्यक्षता वाली एक खोज-सह-चयन समिति द्वारा चयनित नामों में से राज्य के तीन विश्वविद्यालयों के कुलपति नियुक्त करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के साथ ही राज्यपाल (जो कुलाधिपति भी हैं) और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच राज्य-सहायता प्राप्त 36 विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद समाप्त हो गया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश ललित, राज्यपाल कार्यालय की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता द्वारा विवाद के समाधान में किए गए प्रयासों की सराहना की। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद, चयनित तीन व्यक्तियों को शेष तीन विश्वविद्यालयों - उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय, मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय - के कुलपति के रूप में चार सप्ताह के भीतर नियुक्त किया जाए। इसके बाद पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 2023 में दायर याचिका का निपटारा कर दिया।