2,000 से ऊपर UPI भुगतान पर शुल्क का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सोमवार को सुनवाई 
कोलकाता सिटी

ममता के खिलाफ ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला रिजर्व 

कई आला पुलिस अफसर भी बनाए गए हैं पार्टी 

Jitendra Kumar Singh

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता  कोलकाता : ईडी की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य के खिलाफ दायर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले को रिजर्व कर लिया है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन वी अंजरिया ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। ममता बनर्जी और अन्य के खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। ईडी की तरफ से आरोप लगाया गया है कि जब वे तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक सलाहकार आई पैक के दफ्तर की तलाशी कर रहे थे तब ममता बनर्जी सहित  पुलिस के  आला अफसरो ने इसमें  बाधा डाला था। ममता बनर्जी की तरफ से बहस कर रहे सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल की दलील थी कि राज्य सरकार इस मामले की जांच कर सकती है, इसके लिए कोर्ट का आदेश कोई जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं है, इसलिए कोई बाधा नहीं है। अब राज्य में किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी की सरकार है और इसे सीबीआई के पास जांच के लिए भेज सकती हैं। इसके लिए कोर्ट के आदेश की क्या जरूरत है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि अगर राज्य सरकार सीबीआई को जांच सौंपती है तो दुर्भावना का आरोप लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी अभियुक्त है और वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इस मामले में ममता बनर्जी के अलावा तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार, तत्कालीन पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा और दक्षिण कोलकाता के तत्कालीन डिप्टी सीपी प्रियव्रत राय भी शामिल हैं।

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