सुंदरबन की सांकेतिक तस्वीर 
कोलकाता सिटी

सुंदरबन में आतंकी हमले से निपटने की तैयारी, एनएसजी ने किया मॉक ड्रिल

सन्मार्ग संवाददाता

दक्षिण 24 परगना : संदेशखाली के बाद अब सुंदरबन इलाके को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने घेर लिया। राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), स्टेट रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ), पश्चिम बंगाल पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान भी मौके पर तैनात रहे। इलाके में कड़ी निगरानी के बीच इमारत के भीतर अभियान चलाया गया और ‘बंधकों’ को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। अंततः जवानों ने स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया। यह कोई आतंकी हमला नहीं था। अगर ऐसी स्थिति पैदा होती है, तो बचाव अभियान कैसे शुरू किया जाए और ‘बंधकों’ समेत स्थानीय लोगों को किस तरह सुरक्षित रखा जाए—इसी की तैयारी के लिए सुंदरबन में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। एनएसजी, एसटीएफ, स्टेट रैपिड एक्शन फोर्स, बीएसएफ और राज्य पुलिस के संयुक्त अभ्यास को देखकर द्वीपवासी भी हैरान रह गए।

सुंदरबन ही क्यों?

सुंदरबन का महत्व देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिहाज से भी खास है। बांग्लादेश की सीमा से सटे इस इलाके में यदि कभी आतंकी हमला होता है, तो सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी से और किस तरह कार्रवाई करेंगी, इसे सुनिश्चित करने के लिए यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यदि आतंकी या हमलावर किसी इमारत के भीतर पर्यटकों या स्थानीय लोगों को बंधक बना लें, तो ऐसी स्थिति में सुरक्षा बलों को क्या कदम उठाने चाहिए—इसी पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान भवन के भीतर अभियान चलाने, इलाके को चारों ओर से घेरने, ‘बंधकों’ को सुरक्षित बाहर निकालने और अंत में स्थिति को सामान्य करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। आपात स्थिति में सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और उनकी तैयारियों को परखना भी इस अभ्यास का अहम हिस्सा रहा। बताया गया कि विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और संपर्क को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई।

SCROLL FOR NEXT