सुंदरवन पुलिस की टीम माइकिंग के जरिए मछुआरों को सावधान करती हुईं 
कोलकाता सिटी

मौसम का कहर, सुंदरवन के तटीय क्षेत्र में रेड अलर्ट

मछुआरों को सतर्क करने के लिए पुलिस ने की माइकिंग फ्रेजरगंज कोस्टल थाने की पुलिस ने तटीय क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई 50- 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं व भारी बारिश की चेतावनी

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण मौसम विभाग ने सुंदरवन के तटीय क्षेत्रों में रेड अलर्ट घोषित किया है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने गहरे समुद्र में मछली पकड़ने पर अस्थायी रोक लगा दी है तथा पहले से समुद्र में मौजूद ट्रॉलरों को तत्काल तट पर लौटने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार सुबह से ही फ्रेजरगंज तटीय क्षेत्र में प्रशासन सक्रिय हो गया। सुंदरवन पुलिस जिले के फ्रेजरगंज कोस्टल थाने की पुलिस स्पीडबोट के जरिए नदी मार्गों, घाटों और प्रमुख मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों में माइकिंग कर मछुआरों से अपील कर रही है कि मौसम सामान्य होने तक कोई भी गहरे समुद्र में न जाए। मौसम विभाग के अनुसार, 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर इससे भी अधिक गति की आंधी आने की आशंका है।

ऐसे मौसम में समुद्र और नदी का जलस्तर तेजी से बदलता

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में समुद्र और नदी का जलस्तर तेजी से बदलता है, जिससे छोटी नौकाओं और ट्रॉलरों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। फ्रेजरगंज, बकखाली, नामखाना और आसपास के तटीय क्षेत्रों के हजारों परिवार अपनी आजीविका के लिए मछली पकड़ने पर निर्भर हैं। ऐसे में मौसम की चेतावनी से मछुआरों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ गई है। फ्रेजरगंज कोस्टल थाना पुलिस ने पूरे तटीय क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। नदी मार्गों पर लगातार गश्त की जा रही है ताकि कोई भी ट्रॉलर प्रतिबंध का उल्लंघन कर समुद्र में न जाए। प्रशासन ने तटीय इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। वज्रपात के दौरान खुले स्थानों में नहीं रहने और अनावश्यक रूप से नदी या समुद्र के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है। समुद्र में मौजूद ट्रॉलरों को जल्द वापस लाने के लिए उनके परिजनों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक सुंदरवन तट पर मौसम बेहद खराब रह सकता है, इसलिए किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के बजाय एहतियात बरतना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है

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