सांकेतिक तस्वीर 
कोलकाता सिटी

सुंदरवन में मगरमच्छों की गिनती अब हर दो महीने में

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: सुंदरवन में मगरमच्छों की सटीक संख्या जानने के लिए अब हर दो महीने पर गणना की जाएगी। दिसंबर में बाघों की गिनती के साथ ही मगरमच्छों की गणना भी शुरू होगी। वनकर्मी छोटी नावों से खाड़ियों में जाकर धूप सेंकते मगरमच्छों के सिर गिनते हैं और पदचिह्नों के आधार पर अनुमान लगाते हैं। पहले यह प्रक्रिया साल में एक बार, मुख्यतः सर्दियों में होती थी, जिससे वास्तविक संख्या का आकलन कठिन था। वन विभाग के अनुसार, 2024–25 की गिनती में लगभग 242 मगरमच्छ दर्ज किए गए, जबकि इससे पहले संख्या 204 से 234 के बीच थी। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। इधर बाघों की गणना भी जारी है। ट्रैप कैमरों में एक वर्ष से अधिक आयु के कई बाघ और शावक दिखाई दिए हैं, जिससे संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। एक वर्ष से कम आयु के शावकों को गणना में शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि उनकी मृत्यु दर अधिक होती है। तस्वीरें विश्लेषण के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजी जा रही हैं। पिछली अखिल भारतीय गणना में सुंदरवन में 101 बाघ दर्ज किए गए थे। वन अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ अंडे देने के समय पानी से दूर स्थान चुनते हैं और मादा चार से छह माह तक शावकों की देखभाल करती है। नई व्यवस्था से उनकी वास्तविक संख्या का बेहतर आकलन संभव होगा।


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