कोलकाता सिटी

भव्य जिनालय के निर्माण हेतु ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह की रूपरेखा को लेकर आयोजित कार्यक्रम का सफल आयोजन

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर में दिगम्बर जैन समाज के लिए श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन जिनालय के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक निर्माण के पहले शिलान्यास समारोह की रूपरेखा को लेकर आयोजित कार्यक्रम 5 अप्रैल 2026 को कला मंदिर के सभागार में संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक जिनालय का भव्य शिलान्यास समारोह 23 अप्रैल 2026 को दक्षिण कोलकाता में स्थित 5, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड में सम्पन्न होगा। यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जैन समाज की आस्था, श्रद्धा एवं दीर्घकालिक संकल्प का साकार रूप है।

भव्य जिनालय के निर्माण हेतु ऐतिहासिक शिलान्यास की रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी देने को लेकर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन सुभाषजी बडजात्या ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आदरणीय विनोद जी काला, महेंद्र जी पांड्या, निर्मल जी बिंदाक्या, सीए कमल नयन जैन, हीरामणि जी छाबड़ा, देवेन्द्र गदिया, रजनीश काला, संजय काला, पंकज छाबड़ा और राकेश झाझरी ने प्रमुख भूमिका अदा की। कलामंदिर सभागार में भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत वातावरण में पंच परमेष्ठी के दिव्य आशीर्वाद का स्मरण करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत में आदरणीय विनोद जी काला ने समाजहित से जुड़े अध्यक्षीय प्रेरणादायक भाषण में अपने विचारों को रखा। जिसमें उन्होंने जिनालय निर्माण के आध्यात्मिक महत्व एवं समाज के लिए इसकी आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद ट्रस्ट के उपाध्यक्ष आदरणीय महेन्द्र जी पांड्या ने प्रस्तावित मंदिर की भव्य संरचना, वास्तु एवं विशेषताओं का विस्तृत एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण पेश किया, इस दौरान वहां उपस्थित जनसमूह ने इन जानकारियों को सुनकर इसकी अत्यंत सराहना की।

इस अवसर पर “वाह ज़िंदगी” के आदरणीय ललित सरावगी द्वारा ए.आई. तकनीक के माध्यम से तैयार मंदिर पर आधारित एक आकर्षक एवं भावनात्मक फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थितजनों को इस दिव्य प्रकल्प की सजीव झलक को अपने नेत्रों में बसा लिया।

कार्यक्रम के मुख्य शिलादाता आदरणीय सुभाष चंदजी बड़जात्या परिवार की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष प्रतिष्ठा प्रदान की। वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम के प्रमुख प्रायोजक आदरणीय निर्मल कुमार बिंदायका परिवार के सहयोग से आयोजन ने बेहद भव्य आकार ले लिया। श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन ट्रस्ट की ओर से दोनों का विधिवत सम्मान किया गया।

इस पूरे कार्यक्रम का अत्यंत सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली संचालन ट्रस्ट के सचिव सीए कमल नयन जैन द्वारा किया गया, जिनकी काव्यात्मक शैली को सभी ने विशेष रूप से सराहा। ट्रस्ट के सभी ट्रस्टीगण, पदाधिकारी एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने इस कार्यक्रम की योजना, व्यवस्था एवं क्रियान्वयन में अपना उल्लेखनीय योगदान दिया।

विशेष रूप से सभी शिलादाता परिवारों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा, जिनकी श्रद्धा एवं उदारता से इस जिनालय निर्माण के पवित्र कार्य को गति मिली है। यह योगदान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि धर्म, विश्वास एवं अनंत पुण्य का प्रतीक है।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत मनोहारी नाटिका एवं नृत्य प्रस्तुतियों ने सभागार में उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। इस नाटिका का निर्देशन हीरामणि जी छाबड़ा के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि लेखन में सुनीता बेनाड़ा, निर्देशन में प्रीति सोगानी एवं नृत्य निर्देशन में मेघना पाटनी का विशेष योगदान रहा।

समापन गायन पंकज छाबड़ा द्वारा एवं मंगलाचरण नृत्य आयुषी जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसकी कोरियोग्राफी भी उन्होंने स्वयं की। इस सांस्कृतिक भाग का संचालन रश्मि एवं राकेश झांझरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में सह सचिव संजय कुमार काला ने धन्यवाद ज्ञापन दिया ।

पूरे कार्यक्रम के सफल संयोजन के लिए संयोजक देवेन्द्र गदिया एवं सह संयोजक रजनीश काला के प्रयासों की सभी ने काफी तारीफ की। इस कार्यक्रम की सफलता में युवा स्वयंसेवकों, व्यवस्थापक टीम एवं तकनीकी सहयोगियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनके समर्पण एवं ऊर्जा ने आयोजन को सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाया। इस अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने यह संकल्प लिया कि प्रस्तावित जिनालय केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि धर्म, साधना, संस्कृति एवं समाज के उत्थान का एक जीवंत केंद्र बनेगा। श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन ट्रस्ट ने इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

SCROLL FOR NEXT