श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोलकाता पुलिस का सख्त रुख 
कोलकाता सिटी

काली पूजा पंडालों के लिए स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट अनिवार्य

लालबाजार ने पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Ravi

कोलकाता : काली पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोलकाता पुलिस ने इस बार पंडालों की जांच को लेकर सख्त रुख अपनाया है। लालबाजार की ओर से सभी काली पूजा आयोजकों के लिए पंडालों का स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट (संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र) जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

जारी निर्देश में पुलिस के सभी थानों के ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) को आयोजकों से यह प्रमाणपत्र लेने के साथ पंडालों में पर्याप्त प्रवेश और निकास द्वार तथा अग्निशमन विभाग की अनुमति सुनिश्चित करने को कहा गया है। हालांकि, अस्थायी बांस और अन्य सामग्रियों से तैयार होने वाले पंडालों का स्थिरता प्रमाणपत्र कौन जारी करेगा, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

प्रमाणपत्र जारी करने वाली एजेंसी पर असमंजस

लालबाजार के निर्देश के बाद कई थाना प्रभारियों ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश (SOP) मांगे हैं। उनका सवाल है कि अस्थायी पंडालों की संरचनात्मक मजबूती की जांच कौन करेगा और प्रमाणपत्र किस विभाग से प्राप्त करना होगा। आमतौर पर वीवीआईपी कार्यक्रमों में इस तरह के प्रमाणपत्र लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से जारी किए जाते हैं।

इस बीच, नब जुबक संघ जिसे लोकप्रिय रूप से फटाकेष्टो काली पूजा के नाम से जाना जाता है, के एक आयोजक ने बताया कि इस मुद्दे पर पुलिस से बातचीत की जा रही है। फिलहाल डेकोरेटर से लिखित घोषणा लेकर उसकी प्रतियां पुलिस और अग्निशमन विभाग को सौंपी जा रही हैं।

3 नवंबर तक निरीक्षण रिपोर्ट जमा करने का निर्देश

लालबाजार ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के सामुदायिक काली पूजा पंडालों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। निरीक्षण की रिपोर्ट इसी सप्ताह संबंधित डिविजनल डिप्टी कमिश्नरों (DC) को सौंपनी होगी।

इसके बाद रिपोर्ट 3 नवंबर तक लालबाजार भेजी जाएगी। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर 5 और 6 नवंबर को पंडालों का मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। इस दौरान अग्निशमन विभाग, नगर निगम और PWD के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

दुर्गा पूजा की कमियों के बाद बढ़ाई गई सख्ती

सूत्रों के मुताबिक, दुर्गा पूजा के दौरान कुछ पंडालों में पुलिस निरीक्षण की गुणवत्ता और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठे थे। सुरक्षा संबंधी कई कमियां भी सामने आने की बात कही गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए काली पूजा के दौरान जांच और निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में कुल 3,440 सामुदायिक काली पूजा आयोजित हुई थीं। इस बार इतनी बड़ी संख्या में आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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