दीपक,सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन ड्राइवरों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रविवार को रोड सेफ्टी वीक के समापन समारोह में पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने ट्रैफिक पुलिस को ऐसे वाहन ड्राइवरों की पहचान करने और दोहराए जाने वाले उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वाला व्यक्ति यदि पुलिसकर्मी को रिश्वत देता है और कोई पुलिसकर्मी वह रिश्वत स्वीकार करता है, तो दोनों ही हजारों लोगों की जान और सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। उन्होंने कहा कि रिश्वत लेने वाला पुलिसकर्मी व्यवस्था में एक ‘पिछला दरवाजा’ खोलता है, जबकि रिश्वत देने वाला व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करने का आदी हो जाता है। समारोह में मौजूद परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने एक ही तरह के ट्रैफिक नियम को बार-बार तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की व्यवस्था लागू करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कई देशों में तीन बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है और इसी तरह की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।
हाईवे पर टोटो चलाने पर रोक की तैयारी
परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाईवे और उन सड़कों पर टोटो के परिचालन पर रोक लगाने का फैसला किया है, जहां तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही अधिक होती है। उन्होंने चिंता जताई कि कई स्थानों पर 16 वर्ष के किशोर भी बिना ड्राइविंग लाइसेंस के टोटो चलाते देखे जा रहे हैं। उनके मुताबिक, कोलकाता में स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है, लेकिन शहर से बाहर हालात अधिक गंभीर हैं। उन्होंने पुलिस को सुझाव दिया कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनके परिवार को भी इसकी जानकारी दी जाए। उनका मानना है कि परिवार को सूचना मिलने से व्यक्ति पर सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारी का दबाव बढ़ेगा और वह भविष्य में नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होगा।
ट्रैफिक सिग्नल में AI के इस्तेमाल की तैयार
अर्जुन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ट्रैफिक नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है। रोड सेफ्टी वीक के तहत आयोजित समारोह में परिवहन मंत्री ने तिलजला, जादवपुर और जोड़ाबागान ट्रैफिक गार्ड के ओसी को उनके कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किए।
‘सेल्फ-डिसिप्लिन’ पर पुलिस कमिश्नर का जोर
पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने कहा कि देशभर में वाहनों और आबादी की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे ट्रैफिक मैनेजमेंट एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है। प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था के लिए नागरिकों की कानून के प्रति प्रतिबद्धता और कानून का प्रभावी क्रियान्वयन दोनों जरूरी हैं। उन्होंने छात्रों से ‘सेल्फ-डिसिप्लिन’ अपनाने की अपील करते हुए कहा कि दूसरों को ट्रैफिक नियम तोड़ते देखकर उसका अनुसरण नहीं करना चाहिए। नियमों का पालन बचपन से ही आदत में शामिल होना चाहिए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पहली बार नियम तोड़ने वाले व्यक्ति को दोबारा वही गलती न करने देना अधिक महत्वपूर्ण है। एक व्यक्ति को नियम तोड़ते देखकर दूसरे भी उसका अनुसरण कर सकते हैं। इसलिए बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सजा और कड़ी होनी चाहिए। ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई के साथ आत्म-अनुशासन भी जरूरी है।