फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

ओवरस्टे करने वाले विदेशी नागरिकों की अब खैर नहीं!

कोलकाता पुलिस के एसटीएफ डिपोर्टेशन का हुआ गठन

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर में तय समय से अधिक समय तक रहने वाले विदेशी नागरिकों और अवैध प्रवासियों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन पर कार्रवाई करने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स डिपोर्टेशन बनाई गयी है। कोलकाता पुलिस ने यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह विभाग के निर्देशों पर अमल करते हुए उठाया है

पुलिस की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस स्पेशल टास्क फोर्स का नेतृत्व एससीओ के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (II) करेंगे। टीम में रेजिडेंशियल परमिट सेक्शन, इन्वेस्टिगेशन सेल, फॉरेनर्स इन्क्वायरी सेक्शन और अवैध प्रवासी सेल के अधिकारी शामिल होंगे। टास्क फोर्स को तत्काल प्रभाव से काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक, एसटीएफ (डी) शहर में तय समय से अधिक अवधि तक रह रहे विदेशी नागरिकों और संदिग्ध अवैध प्रवासियों के रिकॉर्ड की जांच करेगी। इसके अलावा फील्ड इन्क्वायरी कर संबंधित मामलों की पुष्टि करेगी और डिविजनल डिप्टी कमिश्नरों, इंटेलिजेंस ब्रांच तथा फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ), कोलकाता के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि टास्क फोर्स इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई करेगी। आवश्यकता पड़ने पर संदिग्ध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेने और उन्हें देश से बाहर भेजने (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। सभी डिविजनल डिप्टी कमिश्नरों को विदेशी नागरिकों से जुड़े लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने, आवश्यक पुलिस बल और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने तथा होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों द्वारा जमा किए जाने वाले अनिवार्य 'सी' फॉर्म में दर्ज पता का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि एसटीएफ डी आवश्यकता पड़ने पर कोलकाता पुलिस की किसी भी इकाई से सहयोग ले सकेगी। टास्क फोर्स की प्रगति रिपोर्ट वरिष्ठ स्पेशल ब्रांच और इंटेलिजेंस अधिकारियों के माध्यम से पुलिस आयुक्त को भेजी जाएगी, जबकि हिरासत और डिपोर्टेशन से संबंधित संयुक्त रिपोर्ट फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के साथ साझा की जाएगी।


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