शनिवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अलीपुर के बॉडीगार्ड लाइंस में कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडेय को प्रशंसा पत्र सौंपते हुए SUKHOMOY_SEN
कोलकाता सिटी

आपदा से निपटने की नई तैयारी : 200 करोड़ का बजट, बनेगी स्पेशल रेस्क्यू फोर्स

पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों की 200 सदस्यीय विशेष टीम होगी तैयार

कोलकाता समेत संवेदनशील क्षेत्रों में होगी तैनाती

ऊंची इमारतों का होगा इंजीनियरिंग ऑडिट

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : तारातला गोदाम हादसे से सबक लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को घोषणा की कि अत्याधुनिक बचाव उपकरणों की खरीद के लिए 200 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित किया गया है। साथ ही, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को शामिल कर 200 सदस्यीय विशेष आपदा मोचन दल का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा अलीपुर बॉडीगार्ड लाइंस में आयोजित तारातला रेस्क्यू ऑपरेशन के वीर जवानों के सम्मान समारोह के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' के तहत नई एम्बुलेंस और मोटरसाइकिल आधारित इमरजेंसी रिस्पांस यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

संवेदनशील इलाकों में होगी विशेष तैनाती

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई विशेष रेस्क्यू टीमों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन विभाग के तहत कोलकाता, दार्जिलिंग-कलिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्रों तथा सागर द्वीप जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक और एकीकृत रेस्क्यू सिस्टम विकसित करने के लिए राज्य सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और भारतीय सेना से तकनीकी सहयोग भी लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आधुनिक बचाव उपकरणों के लिए 200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। हमारा लक्ष्य अगले एक वर्ष में तकनीक, प्रशिक्षण और उपकरणों से जुड़ी सभी कमियों को दूर करना है।’’

तारातला ऑपरेशन बना समन्वय की मिसाल

मुख्यमंत्री ने 24 जनवरी को तारातला में इमारत ढहने के बाद चलाए गए राहत एवं बचाव अभियान को राज्य और केंद्र की एजेंसियों के उत्कृष्ट तालमेल का उदाहरण बताया। उन्होंने सेना, एनडीआरएफ, दमकल विभाग, सिविल डिफेंस, कोलकाता पुलिस तथा मेडिकल टीमों की सराहना करते हुए कहा कि संयुक्त प्रयासों से मलबे में फंसे सभी 17 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने साबित कर दिया कि बेहतर समन्वय और संसाधनों के साथ किसी भी बड़ी आपदा का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।

1,115 कर्मियों ने संभाला था मोर्चा

तारातला रेस्क्यू अभियान में कुल 1,115 कर्मियों ने भाग लिया था। इनमें सेना और एनडीआरएफ के 150-150 जवान, सिविल डिफेंस के 160 कर्मी, फायर ब्रिगेड के 125 जवान, कोलकाता पुलिस (डीएमजी एवं ट्रैफिक विंग सहित) के 385 कर्मी, 90 रेलवे कर्मचारी तथा 55 डॉक्टर और नर्स शामिल थे।

पांच मंजिल से ऊंची इमारतों का होगा विशेष ऑडिट

तारातला हादसे के बाद राज्य सरकार ने निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कोलकाता में पांच या उससे अधिक मंजिल वाली सभी निर्माणाधीन इमारतों का विशेष इंजीनियरिंग ऑडिट कराया जाएगा। ढांचागत सुरक्षा और निर्माण मानकों की जांच की जिम्मेदारी आईआईटी खड़गपुर और राइट्स के विशेषज्ञों को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने हादसे के दौरान राहत कार्य में सहयोग करने वाले स्थानीय नागरिकों की भी सराहना की और कहा कि वह जल्द ही तारातला जाकर स्वयं उनका आभार व्यक्त करेंगे।


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