प्रसेनजीत
कोलकाता : बंगाल की राजनीति में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के हालिया बयान के बाद राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब राज्य में अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच चुकी है और 4 मई के बाद बंगाल की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में असली मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस दौड़ में पीछे रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल नहीं, बल्कि बंगाल में कांग्रेस का मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा है।
शुभंकर सरकार के अनुसार कांग्रेस सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और वह पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का अधिकांश विकास कांग्रेस शासनकाल में हुआ था, जबकि बाद की सरकारों ने केवल गिरावट और “विनाश” किया है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और मौजूदा स्थिति “लोकतंत्र का उत्सव” नहीं, बल्कि खतरे की स्थिति बन चुकी है।
इसके साथ ही उन्होंने सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों के कथित राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया। शुभंकर सरकार ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने रणनीतिक रूप से विशेष संसदीय सत्र बुलाकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चुनावी प्रचार को प्रभावित करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने हाल ही में संसद में भाजपा की कथित साजिशों को उजागर किया है, जिससे सत्तारूढ़ दल दबाव में है। दूसरे चरण के मतदान से पहले राहुल गांधी फिर से चुनाव प्रचार के लिए बंगाल आ सकते हैं।
उन्होंने बेरोजगारी और पलायन को राज्य की प्रमुख समस्या बताया और कहा कि जनता बदलाव चाहती है। कांग्रेस का ध्यान विशेष रूप से मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है। अंत में उन्होंने दोहराया कि 4 मई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।