कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार शहर के फ्लाईओवरों और पुलों के नीचे खाली पड़ी जगहों का उपयोग खेल गतिविधियों के लिए करने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध सीमित खुली जगह के बीच युवाओं को खेलकूद और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत अनुपयोगी स्थानों को व्यवस्थित खेल क्षेत्रों में बदलने पर विचार किया जा रहा है। इससे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का बेहतर इस्तेमाल होने के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
खाली जगहों का होगा बेहतर इस्तेमाल
कोलकाता जैसे घनी आबादी वाले शहर में खेल के मैदानों की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है। फ्लाईओवर और पुलों के नीचे मौजूद कई जगहों का समुचित उपयोग नहीं हो पाता।
सरकार की प्रस्तावित योजना के जरिए ऐसे स्थानों को खेल गतिविधियों के अनुकूल बनाया जा सकता है। इससे आसपास रहने वाले बच्चों, किशोरों और युवाओं को अपने इलाके में ही खेलकूद के अवसर मिल सकेंगे।
युवाओं और स्थानीय समुदाय को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित खेल जोन से फुटबॉल, क्रिकेट और अन्य स्थानीय खेलों को बढ़ावा देने की संभावनाएं बन सकती हैं। ऐसे केंद्र युवाओं को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने के साथ सामुदायिक मेलजोल को भी बढ़ावा दे सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में सभी खेलों की अंतिम सूची या परियोजना के लिए निर्धारित स्थानों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
सफाई और सुरक्षा पर भी रहेगा जोर
फ्लाईओवरों और पुलों के नीचे की खाली जगहों को व्यवस्थित करने से कचरा जमा होने तथा अनधिकृत गतिविधियों जैसी समस्याओं पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है। खेल क्षेत्रों के निर्माण के साथ साफ-सफाई, रोशनी, सुरक्षा और रखरखाव की उचित व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
इन सुविधाओं को उपयोगी बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय भी जरूरी रहेगा। सरकार की इस पहल को शहरी जगहों के बेहतर प्रबंधन और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक संभावित कदम माना जा रहा है।
हालांकि, परियोजना की समयसीमा, बजट, चयनित स्थानों और निर्माण संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देशों की जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक रूपरेखा स्पष्ट होगी।