राज्यसभा में हाल ही में हुए एक सवाल-जवाब ने पश्चिम बंगाल में खेलों की स्थिति की गंभीरता उजागर कर दी। राज्यसभा सांसद Samik Bhattacharya के Khelo India कार्यक्रम के बारे में पूछने पर खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से Khelo India केंद्रों के विस्तार, ज़मीन या इन्फ्रास्ट्रक्चर सहायता के लिए कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
इसका मतलब है कि ममता बनर्जी की सरकार ने राज्य में खेल आधारभूत संरचना बढ़ाने या नए Khelo India केंद्र विकसित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। परिणामस्वरूप, कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाओं के लिए ओडिशा, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं।
प्रसिद्ध खिलाड़ी और कोच भी राज्य छोड़ चुके हैं। इनमें Dronacharya पुरस्कार विजेता कोच Kuntal Roy, ओलंपियन जिमनास्ट Pranati Nayak, साइकिलिस्ट Triyasha Paul, एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता Swapna Burman और उभरती धावक Rezoana Mallick Heena शामिल हैं।
स्थिति स्पष्ट है: राज्य में खेलों के लिए पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं, सहायक पारिस्थितिकी तंत्र नहीं और सरकार या खेल संस्थाओं की ओर से कोई समन्वित सहायता नहीं।
आज बंगाल के युवाओं को यह सवाल पूछना चाहिए: जब अन्य राज्य खिलाड़ियों और आधारभूत संरचना में भारी निवेश कर रहे हैं, तो बंगाल सरकार खेल विकास के लिए बुनियादी परिस्थितियां क्यों नहीं बना रही?
कितने और प्रतिभाशाली खिलाड़ी राज्य छोड़ेंगे, इससे पहले कि सरकार जागे और खेलों के भविष्य पर ध्यान दे?