कोलकाता : एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी में रवीन्द्र जयंती के अवसर पर “माँ एंड मी – अ ट्रिब्यूट टू टैगोर : अ ग्रैंड सेलिब्रेशन ऑफ मदरहूड एंड आर्टिस्ट्री” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की विचारधारा, कला और मातृत्व के भाव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साहित्य, संगीत, नृत्य और काव्य-पाठ से सजे कार्यक्रम ने दर्शकों को संस्कृति और संवेदनाओं से जोड़ दिया। कार्यक्रम में टैगोर के मानवतावादी विचारों, मातृत्व की संवेदनशील अभिव्यक्ति तथा रिश्तों और भावनाओं के प्रति उनकी गहरी समझ को प्रस्तुत किया गया। आयोजन ने कला, शिक्षा और जीवन के सामंजस्य की टैगोर की सोच को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। इस अवसर पर विश्वप्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर गुरु संचिता भट्टाचार्य, प्रख्यात कवि व गीतकार तन्मय चक्रवर्ती तथा कवयित्री और वाचिका अनुराधा मजूमदार की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही श्री श्वेतांबर स्थानकवासी जैन सभा के सदस्य तृप्ति सिंह, शशि कांकड़िया, कुसुम पटवा और तृशला भंसाली भी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने विद्यार्थियों को टैगोर के साहित्य और मूल्यों से प्रेरित किया। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. जयीता गांगुली ने कहा कि टैगोर का दर्शन आज भी मानवता और संवेदनशीलता के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं विद्यालय के सचिव जयदीप पटवा ने कहा कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना संस्थान की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में माताओं और बच्चों की संयुक्त प्रस्तुतियों तथा आकर्षक रैम्प वॉक ने सभी का मन मोह लिया। माँ और संतान के रिश्ते को खूबसूरती से प्रस्तुत करती इस संध्या ने दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ी। आयोजन के माध्यम से विद्यालय ने समग्र शिक्षा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः मजबूत किया।