सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : परचम तथा माहेश्वरी विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नव वर्ष अभिनन्दन, मां गौरी का वन्दन का आयोजन रविवार की शाम आतिथ्य कर्ता शान्ता- गोविन्द सारडा के निवास स्थान पर अत्यन्त हर्षोल्लास के साथ किया गया। कस्तूरी जंयती मना रहे श्री बलदेवजी गवरजा माता मंडली का बाल कृष्ण व्यास द्वारा रचित सर्वाधिक लोकप्रिय आह्वान गीत हिम शिखरों से उतरो मां से संस्कृति के संवाहक परचम के गायक कलाकारों ने मां गौरी की वन्दना करते हुए अपने गणगौर गीतों को प्रारम्भ किया।
सुश्री दुर्गा कोठारी, रेखा मिमाणी, साक्षी गोयनका, निधि सोनी एवं रितिका मुंधड़ा प्रभृति कलाकारों के समवेत स्वर में गीतों की प्रस्तुति से सुधी श्रोता मंत्रमुग्ध हुए। नव वर्ष अभिनंदन- मां गौरी का वन्दन कार्यक्रम का शुभारंभ हरि मोहन बांगड़ एवं श्रीमति राज बांगड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया और कुंज बिहारी अग्रवाल ने सपत्नीक ईसर-गौरी का पूजन किया। राजस्थानी बंधेज दुपट्टा से हरिमोहन बांगड़ का स्वागत परचम के मंत्री जितेन्द्र चौधरी एवं कुंज बिहारी अग्रवाल का स्वागत नीलमणि राठी ने किया।
शांता सारडा ने स्वागत संबोधन में परचम के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से उनके आंगन में गणगौर गीतों का आयोजन करने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर प्रकाशित गणगौर गीत माला पुस्तिका का लोकार्पण परचम के संरक्षक श्री महावीर जी अग्रवाल, माहेश्वरी सभा के मंत्री अशोक चांडक, धन्वंतरि के राजेन्द्र खण्डेलवाल, माहेश्वरी विकास परिषद ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीकिसन मल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन राधेश्याम झंवर ने दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन महावीर प्रसाद रावत ने किया।आगत अतिथियों का स्वागत आदित्य एवं अमित सारडा ने किया।
परचम के संस्थापक मुकुन्द राठी ने आयोजन की पृष्ठभूमि को रेखांकित किया। कार्यक्रम में राज बांगड़, चम्पा कांकरिया, संतोष भजनका, ललिता अग्रवाल, किरण सरावगी, कुमुद सारडा, प्रतिभा बिनानी, रश्मि सारडा, शशि पोद्दार, सरोज झंवर, सावित्री देवी रावत, मेघा सारडा, पुष्पा मूंधड़ा का सक्रिय योगदान रहा। कार्यक्रम में संरक्षक एवं पद्मश्री सज्जन भजनका, पुरुषोत्तम सारडा, अजीत अग्रवाल, सांवरमल अग्रवाल, हरिकिशन राठी का सक्रिय योगदान रहा। रामावतार बींजराजका,महावीर बजाज, बालकृष्ण मूंधड़ा दामोदर भट्टर की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।