कोलकाता : तारातला के निर्माणाधीन गोदाम हादसे के बाद बुधवार की शाम एसएसकेएम अस्पताल का ट्रॉमा केयर सेंटर दर्द, बेचैनी और उम्मीद का केन्द्र बन गया। किसी की आंखें अपने बेटे को ढूंढ रही थीं, कोई भाई का नाम पुकार रहा था, तो कोई अस्पताल के गलियारों में बस एक खबर के इंतजार में ठिठका खड़ा था। चारों ओर सिर्फ एक ही सवाल था—“वो बचा है न?”
अस्पताल के बाहर खड़े खालेक सरदार के परिजन की आंखों में डर साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा, “दोपहर 3 बजे बात हुई थी। उसने बस इतना कहा—मैं ठीक हूं, चिंता मत करो… फिर फोन कट गया। उसके बाद कोई खबर नहीं।” एक अन्य परिजन इद्रिस अली ने कहा कि टीवी पर हादसे की खबर देखने के बाद वह अस्पताल पहुंचे, लेकिन अब तक उनके रिश्तेदार का पता नहीं चल पाया है।
इन्हीं सिसकियों और बेचैन चेहरों के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय और मंत्री अग्निमित्रा पाल भी मौजूद थीं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने हादसे की जगह का दौरा किया और फिर नवान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहत व बचाव कार्य की जानकारी दी।
अस्पताल पहुंचकर उन्होंने घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों से पूरी रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 21 लोगों को निकाला गया है, जिनमें कई घायल एसएसकेएम में भर्ती हैं। मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। एसएसकेएम में घायलों का इलाज चल रहा था, लेकिन हर चेहरे पर एक ही प्रार्थना थी—मलबे से निकले लोग जिंदा लौट आएं।