राम-शरद कोठारी स्मृति संघ ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम शुभेंदु अधिकारी और आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले 
कोलकाता सिटी

सनातन संस्कृति और परंपरा की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : शुभेंदु अधिकारी

Deepak Mishra

राम-शरद कोठारी स्मृति संघ के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा—बलिदान और आदर्शों को नहीं भुलाया जाएगा

राम-शरद कोठारी के नाम पर राज्य की सड़क का नाम रखने पर मांगा सुझाव

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता :

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य में सनातन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक विरासत की रक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। नेशनल लाइब्रेरी में राम-शरद कोठारी स्मृति संघ की ओर से आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने अयोध्या आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले राम कुमार कोठारी और शरद कुमार कोठारी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि दोनों भाइयों के बलिदान और उनके आदर्शों को बंगाल में भुलाया नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सनातन परंपराओं और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए काम कर रही है। उन्होंने आयोजकों से कोठारी बंधुओं की स्मृति में सड़क, विश्वविद्यालय अथवा अन्य सार्वजनिक संस्थानों के स्तर पर पुरस्कार या सम्मान शुरू करने को लेकर सुझाव देने को भी कहा।

घुसपैठ और सीमा सुरक्षा पर सख्त रुख

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बीएसएफ को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने सहित विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं और अवैध घुसपैठ के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।

यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने का दावा

सीएम ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले आयोग के परामर्श के बाद इस संबंध में आगे की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।

संतों के अपमान पर कार्रवाई की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसी भी संत या सनातन परंपरा के अपमान को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून का राज स्थापित करने के साथ ही तुष्टीकरण की राजनीति को समाप्त किया जाएगा। बता दें कि इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों और समूहों के बीच अलग-अलग मत रहे हैं।

दुर्गापूजा में परंपराओं का पालन

आगामी दुर्गापूजा को लेकर सीएम ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान पूजा के उद्घाटन से बचा जाना चाहिए। अष्टमी के दिन शराब की बिक्री पर रोक तथा प्रतिमा विसर्जन निर्धारित नियमों और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप कराया जाएगा। इससे पहले वेसार्वजनिक रूप से दुर्गापूजा की पारंपरिक प्रथाओं और महालया से पहले पूजा उद्घाटन के मुद्दे पर भी बयान दे चुके हैं।

तीर्थक्षेत्र सर्किट के लिए 2,000 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘विकास भी, विरासत भी’ की नीति पर जोर देते हुए तारापीठ, तारकेश्वर और मदन मोहन जी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़कर तीर्थक्षेत्र सर्किट विकसित करने की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने इसके लिए बजट में करीब 2,000 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी दी। समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत कई गणमान्य अतिथि, संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। राम-शरद कोठारी स्मृति संघ की स्थापना दोनों भाइयों की स्मृति में की गई थी और संस्था सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ प्रतिभा सम्मान जैसे कार्यक्रम भी आयोजित करती है।
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