कोलकाता : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शमीक भट्टाचार्य ने राष्ट्रविरोधी नारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ लगाए जाने वाले नारे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अपने संबोधन में भट्टाचार्य ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति "आज़ादी" या "कश्मीर मांगे आज़ादी" जैसे नारे लगाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह के नारे लगाने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं और सम्मान की रक्षा की थी। ऐसे में शहीदों के बलिदान का अपमान करने वाले या देश की संप्रभुता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और देश को तोड़ने वाली मानसिकता के खिलाफ समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। शमीक भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि पुलिस और प्रशासन को कानून के दायरे में रहते हुए ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने चाहिए।
उनके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से अलगाववादी या राष्ट्रविरोधी नारे लगाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
भाजपा नेता के इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे आक्रामक बयानबाजी बताते हुए आलोचना की है, जबकि भाजपा का कहना है कि यह देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के पक्ष में दिया गया संदेश है।