जरूरत पड़ने पर स्थानीय निवासियों और कलाकारों को भी बुलाया जाएगा
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : दुर्गापूजा के दौरान चोरबागान में हुई भगदड़ की जांच तेज हो गई है। मामले की तह तक पहुंचने और सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित चूक का पता लगाने के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार और शनिवार के बीच पुलिस तथा दमकल विभाग के 12 अधिकारियों से पूछताछ की। पूछताछ में कोलकाता पुलिस के दो डिप्टी कमिश्नर भी शामिल रहे। जांच के सिलसिले में एसआईटी ने कोलकाता पुलिस के कुल 16 अधिकारियों को तलब किया है। इनमें दो डीसी रैंक के अधिकारी, गिरीश पार्क थाने के कर्मचारी और लालबाजार के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, राइटर्स बिल्डिंग में इन अधिकारियों से अलग-अलग पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए। शनिवार को यहां एसआईटी की दूसरी बैठक भी हुई।
12 अधिकारियों के बयान दर्ज, जांच से संतुष्ट एसआईटी प्रमुख
जांच के दूसरे चरण के बाद एसआईटी की अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता रॉय सरस्वती ने बताया कि शनिवार को दिनभर में 12 अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। उन्होंने अब तक की जांच पर संतोष जताते हुए कहा कि मामले की पड़ताल सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया था। आने वाले दिनों में अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय निवासियों और पूजा पंडाल से जुड़े कलाकारों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है। अब एसआईटी की जांच का मुख्य उद्देश्य हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ यह निर्धारित करना है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां और किस स्तर पर लापरवाही हुई। अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।