मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोध अब सड़कों पर तेज हो गया है। सोमवार को कांग्रेस, एसयूसीआई और एडवा ने कोलकाता में अलग-अलग मार्च और प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। दलों ने एसआईआर के दौरान मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाये जाने पर आपत्ति जतायी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कॉलेज स्ट्रीट से सीईओ कार्यालय की ओर मार्च किया। बीबी गांगुली स्ट्रीट स्थित सेंट्रल मेट्रो स्टेशन के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सीईसी के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। एसयूसीआई ने सुबोध मल्लिक स्क्वायर से एस्प्लेनेड तक रैली निकाली।
पार्टी के मुताबिक इसमें एक हजार से अधिक लोग शामिल हुए। एसयूसीआई ने एसआईआर तत्काल रोकने तथा देशभर में कथित तौर पर हटाये गये 13 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की। चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।
इधर, एडवा ने भी एस्प्लेनेड से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तक मार्च किया। माकपा नेता मीनाक्षी मुखर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है।