पैर गंवानी वाली महिला मालती विश्वास की तस्वीर दिखाता हुआ एक व्यक्ति  
कोलकाता सिटी

सेवाश्रय में इलाज के बाद महिला का पैर कटा, शिकायत दर्ज

पहले भी विवादों में रहा सेवाश्रय

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सांसद अभिषेक बनर्जी की पहल सेवाश्रय एक बार फिर विवादों में है। रवींद्रनगर आकड़ा निवासी मालती विश्वास ने आरोप लगाया है कि सेवाश्रय शिविर में कथित गलत इलाज के कारण उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा। इस मामले में उन्होंने अभिषेक समेत 11 लोगों के खिलाफ रवींद्रनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मालती के अनुसार, वह घुटने के दर्द के इलाज के लिए सेवाश्रय शिविर गई थीं, जहां जांच के बाद उन्हें दवाएं दी गईं। उनका आरोप है कि दवा लेने के बाद दर्द कम होने के बजाय और बढ़ गया। दोबारा शिविर पहुंचने पर उन्हें एम.आर. बांगुर अस्पताल रेफर किया गया। वहां से उन्हें चित्तरंजन अस्पताल और बाद में नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि लगातार अस्पताल बदलने और इलाज में देरी के कारण संक्रमण बढ़ गया, जिसके चलते डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने कई बार अभिषेक और सेवाश्रय के आयोजकों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद परिवार ने पुलिस का सहारा लिया। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता अभिजीत दास (बॉबी) पहले भी सेवाश्रय शिविरों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि शिविरों में अपंजीकृत या झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराया जाता है, कई पर्चियों पर डॉक्टरों का पंजीकरण नंबर नहीं होता और चिकित्सा उपकरणों के उपयोग में भी नियमों का पालन नहीं किया जाता। दवाओं की गुणवत्ता और एक्सपायरी को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए थे। हालांकि, मालती के आरोपों और भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर अभी तक अभिषेक या सेवाश्रय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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