प्रसेनजीत
कोलकाता : चुनावी तैयारियों के बीच स्कूल परिवहन व्यवस्था से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। पूल कार ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि चुनाव ड्यूटी के लिए स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाली पूल कारों को ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोका जा रहा है और तत्काल जब्ती या अधिग्रहण का दबाव बनाया जा रहा है।
एसोसिएशन ने ट्रैफिक विभाग को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से स्कूली बच्चों, खासकर छोटे बच्चों को असुविधा हो रही है और उनके बीच डर और घबराहट का माहौल बन रहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकांश पूल कारें सुगम पोर्टल पर पहले से पंजीकृत हैं और 27 अप्रैल से चुनाव ड्यूटी के लिए निर्धारित हैं। इसके बावजूद उन्हें समय से पहले हटाए जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे स्कूलों की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि निर्धारित तारीख से पहले किसी भी सक्रिय पूल कार का अधिग्रहण न किया जाए। यदि ऐसा करना आवश्यक हो, तो स्कूलों को पहले से सूचित कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पंजीकृत पूल कारों को चुनाव ड्यूटी से अस्थायी छूट देने की भी अपील की गई है।