कोलकाता : रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए सरोज पोद्दार ग्रुप और केवेंटर ग्रुप ने मिलकर 400 करोड़ रुपये का कैटेगरी-II अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) लॉन्च किया है।
यह पश्चिम बंगाल के किसी रियल एस्टेट डेवलपर की ओर से लॉन्च किया गया पहला AIF बताया गया है। फंड के कॉर्पस को 200 करोड़ रुपये की ग्रीनशू ऑप्शन के जरिए बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये तक किया जा सकता है।
Poddar Keventer Capital Advisors Pvt. Ltd. के इस फंड का नाम Poddar Keventer Real Estate Fund – Scheme I है। यह फंड मुख्य रूप से दिल्ली-NCR और पश्चिम बंगाल में सुरक्षित रियल एस्टेट डेट के अवसरों में निवेश करेगा। फंड का लक्ष्य खर्चों से पहले 18 से 22 प्रतिशत का सकल IRR हासिल करना है।
फंड में दोनों प्रायोजकों ने मिलकर लक्ष्य कॉर्पस का 20 प्रतिशत यानी 80 करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे निवेशकों के साथ प्रायोजकों की वित्तीय भागीदारी और हितों के तालमेल का संकेत मिलता है।
फंड के जरिए चुनिंदा रियल एस्टेट परियोजनाओं को संरचित वित्त उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें अल्ट्रा-लक्जरी, प्रीमियम और मिड-मार्केट श्रेणी की परियोजनाएं शामिल होंगी। निवेश मॉडल में सिक्योर्ड डेट स्ट्रक्चर, सिक्योरिटी कवर, एस्क्रो व्यवस्था, कॉवनेंट सुरक्षा, निर्माण के चरणों से जुड़े फंड डिस्बर्समेंट और लगातार निगरानी जैसे उपाय शामिल किए गए हैं।
केवेंटर ग्रुप के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मायंक जालान ने कहा कि दिल्ली-NCR और पश्चिम बंगाल में बुनियादी ढांचे के विकास, बदलती उपभोक्ता आकांक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण आवास की मांग के कारण रियल एस्टेट में अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन अवसरों को स्थायी मूल्य में बदलने के लिए अनुशासित पूंजी निवेश और मजबूत जमीनी क्रियान्वयन जरूरी है।
सरोज पोद्दार ग्रुप के प्रमोटर अक्षय पोद्दार ने कहा कि भारत में AIF इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और रियल एस्टेट वैकल्पिक पूंजी के प्रमुख निवेश क्षेत्रों में शामिल है। उन्होंने मजबूत गवर्नेंस, अनुशासित पूंजी आवंटन और निवेशकों के साथ दीर्घकालिक तालमेल को प्लेटफॉर्म की प्राथमिकता बताया।
वहीं Poddar Keventer के हेड ऑफ ऑपरेशंस गौरव अग्रवाल ने कहा कि निवेश से पहले परियोजना की बुनियादी स्थिति, प्रमोटर की क्षमता और कैश फ्लो का गहन आकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उचित सुरक्षा व्यवस्था और लगातार निगरानी फंड की निवेश रणनीति का अहम हिस्सा होगी।
यह फंड दोनों समूहों की विशेषज्ञता को जोड़ते हुए एक पेशेवर संस्थागत रियल एस्टेट निवेश प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।