कोलकाता: साल्ट लेक में इस बार गणेश पूजा के आयोजनों का रंग बदला हुआ नजर आ रहा है। इलाके की तीन प्रमुख गणेश पूजाओं में राजनीतिक समीकरणों का असर साफ दिखाई दे रहा है।
जहां पहले इन आयोजनों से तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका जुड़ी थी, वहीं इस बार कई पूजा समितियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारी प्रमुख भूमिका में हैं। कुछ आयोजनों में भगवा झंडे और भाजपा नेताओं की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
बैशाखी में पूर्व बिधाननगर मेयर अनीता मंडल की ओर से शुरू की गई 12 साल पुरानी गणेश पूजा का संचालन इस बार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े पदाधिकारी कर रहे हैं। शनिवार शाम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पूजा का उद्घाटन किया।
आयोजकों के अनुसार इस बार स्थानीय लोगों से चंदा नहीं लिया गया है। आयोजन का खर्च दान और मेले से जुटाई गई राशि से चलाया जा रहा है।
बीएफ ब्लॉक की मैत्री संघ की गणेश पूजा में भी इस बार आयोजन समिति का स्वरूप बदला है। यह पूजा पहले पूर्व उपमहापौर सव्यसाची दत्ता से जुड़ी थी। इस बार स्थानीय विधायक और स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय के करीबी भाजपा पदाधिकारी समिति में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
18 साल पुरानी इस पूजा में पहले बॉलीवुड कलाकारों और चर्चित गायकों को बुलाकर भव्य उद्घाटन कराने की परंपरा रही है। हालांकि इस बार आयोजक इसे स्थानीय लोगों का उत्सव बनाने पर जोर दे रहे हैं।
पूर्व तृणमूल पार्षद अनिंद्य चटर्जी के भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी 17वीं वर्ष की गणेश पूजा में भी बदलाव दिख रहा है। पूजा पंडाल को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर की थीम पर तैयार किया गया है और परिसर में भगवा झंडों से सजावट की गई है।
उद्घाटन में इस्कॉन, भारत सेवाश्रम संघ और रामकृष्ण मिशन के प्रमुखों के शामिल होने की योजना है। वहीं, पूर्व तृणमूल पार्षदों से जुड़ी दो अन्य गणेश पूजाएं इस वर्ष आयोजित नहीं हो रही हैं।