ड्यूटी में लेट-लतीफी और फर्जी हाजिरी पर लगाम लगाने के लिए आया ‘ड्यूटी मित्रों’ ऐप
अभी चल रहा है ट्रायल, दुर्गा पूजा तक कोलकाता पुलिस में होगा लागू
कोलकाता :
लालबाजार अब कोलकाता पुलिस की कार्यशैली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की राह पर है। अक्सर कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के देर से पहुंचने या बिना ड्यूटी किए ही कागजों में हाजिर दिखाने जैसी शिकायतों पर लगाम कसने के लिए कोलकाता पुलिस ने एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए अब पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और उनकी उपस्थिति पर सीधी नजर रखी जाएगी।
क्या है पूरी समस्या और क्यों पड़ी ऐप की जरूरत?
शहर में विभिन्न आयोजनों और सभाओं के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। नियमानुसार, हर डिविजन से पुलिस बल की सूची लालबाजार भेजी जाती है, जिसके आधार पर अधिकारियों की तैनाती तय होती है लेकिन लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कई पुलिसकर्मी या तो ड्यूटी पर बहुत देर से पहुंचते थे या फिर ड्यूटी स्थल से गायब रहते थे। पुलिसकर्मियों का अक्सर यही तर्क होता था कि उन्हें थाने से सूचना देर से मिली है, जबकि कागजों में उनकी उपस्थिति दर्ज होती थी। इस तरह की अनुशासनहीनता और लापरवाही से उच्च अधिकारियों को मौके पर फोर्स मैनेज करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
कैसे काम करेगा यह नया '''' ड्यूटी मित्रों'''' ऐप?
इस व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता लाने और अनुशासन बहाल करने के लिए कोलकाता पुलिस ने ''''मित्रों'''' (Mitron) ऐप का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस ऐप पर कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के लिए तैनात होने वाले सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की सूची डिजिटल रूप से उपलब्ध होगी। ऐप के जरिए थानों के ओसी) अपने मातहत कर्मचारियों को समय पर उनकी ड्यूटी की सही जानकारी दे सकेंगे। ड्यूटी स्थल पर पहुंचने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को ऐप के जरिए अपनी समय और लोकेशन के साथ लाइव फोटो अपलोड करनी होगी, जिससे यह पुख्ता सबूत रहे कि कर्मी ने तय समय पर अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है।
दुर्गा पूजा तक हो सकता है स्थायी रूप से लागू
फिलहाल कोलकाता पुलिस की ओर से सभी रैंक के पुलिसकर्मियों के लिए इस ''''मित्रों'''' ऐप का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि इस ट्रायल का रिजल्ट संतोषजनक रहता है, तो आगामी दुर्गा पूजा से पहले इसे कोलकाता पुलिस में पूरी तरह से स्थायी रूप से लागू कर दिया जाएगा। लालबाजार के अधिकारियों का विश्वास है कि इस हाई-टेक कदम से फोर्स में अनुशासन लौटेगा, ड्यूटी से भागने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।