तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर कालीघाट और ऋतब्रत खेमे के बीच जारी टकराव के बीच मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सूत्रों के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी खेमे के 10 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नोटिस भेजी गई है। वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय की ओर से लगाए गए आरोपों पर उनसे सात दिनों के भीतर कारण बताने को कहा गया है। ऋतब्रत खेमे ने भी नोटिस मिलने की पुष्टि की है।
यह घटनाक्रम कालीघाट तृणमूल द्वारा सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) के बाद हुआ है। शोभनदेव चट्टोपाध्याय की ओर से दायर याचिका में ऋतब्रत खेमेç की राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल 10 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है। शोभनदेव ने कहा, “ये अवसरवादी पार्टी नेता के नाम, पद और सुविधाओं का लाभ उठाते रहे। पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर उन्होंने विश्वासघात किया। उन्हें हमारे चुनाव चिह्न या अलग पहचान पर कोई अधिकार नहीं है।”
इस सूची में अरूप राय, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, अखरुज्जमां, सिउली साहा, सबिना यास्मिन, बिप्लब मित्र, जावेद खान और रथीन घोष समेत अन्य शामिल हैं। 16 सितंबर तक कालीघाट खेमे को दस्तावेज जमा करने हैं। 17 सितंबर को फिर सुनवाई होने की संभावना है।