नवान्न से मिली अनुमति के बाद एचआरबीसी ने तेज की तैयारी
स्टडी के बाद शुरू होगा आगे का काम
खिदिरपुर फ्लाईओवर पर बढ़ा ट्रैफिक दबाव
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : शहर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक ब्रिजों में से एक खिदिरपुर ब्रिज, जिसे आमतौर पर “आयरन ब्रिज” या “मुंशीगंज कैनल ब्रिज” के नाम से जाना जाता है, तोड़कर नया ब्रिज बनाया जाएगा। यह पहले ही हेल्थ रिपोर्ट में तय हो गया था। सूत्रों के मुताबिक इसकी जर्जर हालत को देखते हुए नवान्न ने इसे तोड़कर नया ब्रिज बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। एचआरबीसी ने राइट्स को स्टडी के लिए कहा है। एचआरबीसी सूत्रों के मुताबिक राइट्स ने स्टडी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक स्टडी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे का काम शुरू किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि लंबे समय से खिदिरपुर ब्रिज को लेकर एचआरबीसी योजना बना रहा है। ब्रिज के दोनों ओर कमजोर ब्रिज का बोर्ड भी लगा हुआ है। अब स्टडी रिपोर्ट आने का एचआरबीसी इंतजार कर रहा है ताकि आगे का कार्य शुरू किया जा सके।
ब्रिज की हालत बिगड़ती गयी...
पिछले कुछ वर्षों में ब्रिज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। ब्रिज की हेल्थ ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर बताया गया है। ब्रिज के पुनर्निर्माण से पहले, एचआरबीसी ने राइट्स को स्टडी और सर्वे का जिम्मा सौंपा है। राइट्स ने अब इस ब्रिज की संरचना, ट्रैफिक लोड, आसपास की जमीन और वैकल्पिक रूट्स पर स्टडी शुरू कर दी है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही डिजाइन, बजट और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। खिदिरपुर ब्रिज का पुनर्निर्माण एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट होगा, जो न केवल शहर के ट्रैफिक को राहत देगा बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा। राइट्स की स्टडी इस दिशा में पहला और महत्वपूर्ण कदम है, जिसका शहर के लाखों लोगों को बेसब्री से इंतजार है।
खिदिरपुर फ्लाईओवर पर बढ़ गया ट्रैफिक का दबाव
खिदिरपुर ब्रिज के कमजाेर होने से पास के खिदिरपुर फ्लाईओवर पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा है। ब्रिज पर हेवी गुड्स व्हीकल जाने की अनुमति नहीं है। स्पीड लिमिट 10 कि.मी./घंटा की गयी है तथा ब्रिज से गुजरते समय वाहनों की गति धीमी रखनी होगी। खिदिरपुर ब्रिज जिसे मुंशीगंज कैनल ब्रिज या आयरन ब्रिज कहा जाता है, खिदिरपुर और हेस्टिंग को जोड़ने वाला बेहद ही अहम ब्रिज है।