प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एलपीजी गैस के दाम बढ़ने से कई ऐसे भी लोग हैं, जिनके रोजगार गहरे संकट में आ गये हैं। शहर में हजारों लोग ऐसे हैं जो पीजी, हॉस्टल और ऑफिसों में काम करने वाले कर्मचारियों को घर जैसा खाना उपलब्ध कराने के लिए टिफिन सर्विस चलाते हैं। उन लोगों के लिए यह टिफिन सर्विस ही उनका मुख्य बिजनेस है, लेकिन रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि ने इस छोटे लेकिन जरूरी कारोबार को संकट में डाल दिया है।
खर्च बढ़ा, मुनाफा घटा
टिफिन सर्विस संचालकों का कहना है कि घर चलाने या कोई कारोबार करने के लिए एक बजट निर्धारित होता है। ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमत इतनी बढ़ जाने से महीने का बजट बिगड़ने लगा है। टिफिन सर्विस संचालकों का कहना है, कि पहले सिलेंडर के दाम के अनुसार हुई आमदनी से घर का खर्च चल जाता था, लेकिन अब समस्या हो रही है।
इंडक्शन बना सहारा
एलपीजी गैस के बढ़ते दामों के बीच लोगों के लिए इंडक्शन सहारा बन गया है। टिफिन सर्विस संचालकों का कहना है कि वे छोटे कामों के लिए एलपीजी गैस की जगह इंडक्शन का इस्तेमाल करते हैं।
टिफिन की कीमत बढ़ाने पर ग्राहक कम होने का डर
टिफिन सर्विस संचालकों का कहना है कि एलपीजी गैस के दाम जल्द नहीं घटे, तो हमें मजबूरन खाने का दाम बढ़ाना पड़ेगा। हालांकि टिफिन की कीमत बढ़ाने पर ग्राहक कम होने का डर बना हुआ है। टिफिन सर्विस का कारोबार भरोसे और नियमित ग्राहकों पर टिका होता है। अधिकतर ग्राहक छात्र, नौकरीपेशा या पीजी में रहने वाले लोग होते हैं, जिनका बजट सीमित होता है। यदि टिफिन की कीमत बढ़ेगी, तो वे अन्य विकल्प तलाशने लगेंगे। परिणामस्वरूप उन्हें कम मुनाफे में काम करना पड़ रहा है।
क्या कहा टिफिन सर्विस संचालकों ने?
काॅमर्स हब अधृत टिफिन सर्विस के ओनर राजीव गोयनका ने बताया कि फिलहाल उनके पास 15 से 20 दिनों का स्टॉक है, मगर उसके बाद भी एलपीजी गैस का दाम नहीं घटा, तो मजबूरन खाने का दाम बढ़ाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल ज्यादातर इंडक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। घर की रसोई टिफिन सर्विस के ओनर गौरव कुमार चमड़िया ने बताया कि एलपीजी गैस के दाम बढ़ जाने से 900 रुपये में मिलने वाला सिलेंडर 1500 रुपये में खरीदना पड़ा है। ज्यादा समय तक यही स्थिति रही तो खाने का दाम बढ़ाना पड़ेगा।