कोलकाता : कोलकाता के बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर डॉक्टर के रेप और हत्या मामले में नई जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शुरू की गई ताजा जांच में करीब 30 लोगों को जांच के दायरे में रखा गया है।
इनमें अस्पताल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, पुलिसकर्मी, प्रत्यक्षदर्शी, फोरेंसिक प्रक्रिया से जुड़े लोग और घटना के बाद की कार्रवाई में शामिल अन्य व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, नई जांच का उद्देश्य केवल हत्या की घटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उस रात के पूरे घटनाक्रम की श्रृंखला, सबूतों के संरक्षण, घटनास्थल की सुरक्षा, पुलिस की शुरुआती कार्रवाई, अस्पताल प्रशासन की भूमिका तथा पीड़िता के अंतिम संस्कार तक की पूरी प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
इससे जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही, साक्ष्यों से छेड़छाड़ या तथ्यों को छिपाने की कोशिश तो नहीं हुई थी।
जानकारी के अनुसार, इस नई जांच में सीबीआई, पश्चिम बंगाल पुलिस तथा राज्य के स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। जांच दल पहले से दर्ज बयानों, फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का भी नए सिरे से विश्लेषण करेगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों को दोबारा तलब कर पूछताछ की जा सकती है।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की 31 वर्षीय जूनियर डॉक्टर का शव अस्पताल परिसर में मिलने के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था।
शुरुआती जांच और उसके बाद की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठते रहे, जिसके बाद मामले की विभिन्न स्तरों पर जांच हुई। हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व जांच पर असंतोष व्यक्त करते हुए निष्पक्ष और पुनः व्यापक जांच के निर्देश दिए थे।
अधिकारियों का कहना है कि नई जांच का उद्देश्य मामले से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष पड़ताल कर सच्चाई तक पहुंचना और यदि किसी स्तर पर चूक या अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना है। जांच के आगे बढ़ने के साथ आवश्यकता पड़ने पर और लोगों को भी जांच के दायरे में शामिल किया जा सकता है।