शारदीय कवि सम्मेलन 
कोलकाता सिटी

राष्ट्रीय कवि संगम का शारदीय कवि सम्मेलन संपन्न

भक्ति, साहित्य और सामाजिक संवेदनाओं से सजी काव्य संध्या

Ravi

कोलकाता : शारदीय नवरात्र की महाष्टमी पर अश्विनी नगर के गणपति विहार प्रांगण में राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से शारदीय दुर्गा पूजा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शाम 4:30 से 7:30 बजे तक चले इस कार्यक्रम में साहित्यप्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत चोर बगान के पूजा पंडाल में हुई दुर्घटना में हताहत लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने से हुई। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की गई। अध्यक्ष डॉ. प्रेम शंकर त्रिपाठी और मुख्य अतिथि बी.के. त्रिपाठी ने घटना पर शोक व्यक्त किया।

संचालिका कामायनी संजय ने भोजपुरी भगवती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रंजना झा ने देवी स्तुति और नारी संस्कृति पर रचना प्रस्तुत की, जबकि डॉ. गिरिधर राय की कविता ‘मुखिया जी का नया फैसला’ ने बुजुर्ग माता-पिता के प्रति बदलते सामाजिक व्यवहार को रेखांकित किया।

बी.के. त्रिपाठी ने युवाओं को भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, के.के. दुबे, अश्विनी झा, नितिन कपूर, अमित गुप्ता और विनय कुमार शर्मा ने भी काव्य पाठ किया। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. प्रेम शंकर त्रिपाठी ने साहित्यिक आयोजनों को संस्कृति संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर गुड्डी शर्मा, उर्मिला राय, विनय कांत चौधरी शास्त्री, विष्णु खेमका, रवि शर्मा, सुजित साहा, रामा शंकर शर्मा, श्यामल भट्टाचार्य, मृदुल कुंडु एवं 'बागुईआटी' पत्रिका के संपादक गौतम भट्टाचार्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित होकर कार्यक्रम के साक्षी बने। अंत में सरूप सेन ने आभार व्यक्त किया और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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