कोलकाता : वर्ष 2016 के स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) भर्ती पैनल से नियुक्ति पाने वाले और बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेवा से बाहर हुए सहायक शिक्षकों ने शुक्रवार को कोलकाता में विरोध मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने सीलदह से एस्प्लेनेड स्थित गांधी प्रतिमा तक रैली निकालकर राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने तथा उनकी आजीविका सुरक्षित रखने की मांग की। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम राहत की अवधि 31 अगस्त को समाप्त होने वाली है, जिससे हजारों शिक्षकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे भर्ती प्रक्रिया में किसी भी अनियमितता के लिए जिम्मेदार नहीं हैं और वर्षों तक विद्यार्थियों को पढ़ाने के बाद अचानक नौकरी छिन जाने से उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
रैली के दौरान शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि उनकी सेवा जारी रखने, रुके हुए वेतन का भुगतान करने और मृतक शिक्षकों के परिवारों के लिए विशेष सहायता पैकेज की व्यवस्था की जाए।
31 अगस्त की समयसीमा से बढ़ी चिंता
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत प्रभावित शिक्षकों को सीमित अवधि तक सेवा में बने रहने की अनुमति मिली थी, जिसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित है। इस समयसीमा के नजदीक आने के साथ ही शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है।
उनका कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते कोई समाधान नहीं निकाला, तो हजारों परिवारों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से केंद्र और संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर स्थायी समाधान निकालने की अपील की।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए सरकार तक पहुंचाई मांग
रैली में बड़ी संख्या में शिक्षक और उनके समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
उनका कहना था कि वे न्यायसंगत समाधान चाहते हैं और सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने की अपेक्षा रखते हैं। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी नौकरी, वेतन और भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता।