सांसद बापी हालदार राखी और रिया को सम्मानित करते हुए, सा‌थ में हैं विधायक गणेश चंद्र मंडल, निलीमा मिस्त्री विशाल व अन्य  
कोलकाता सिटी

सुंदरवन की राखी-रिया ने रचा इतिहास : अभिषेक

दोनों का सम्मान समारोह आयोजित सांसद ने गांव के विकास की बात कही गांववालों ने दोनों युवतियों के विवाह की सराहना की

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सुंदरवन के कुलतली क्षेत्र की दो युवतियों राखी और रिया ने समाज की परंपरागत दीवारों को ध्वस्त करते हुए आपसी सहमति से विवाह कर एक नई मिसाल कायम की है। प्रेम और समानता का यह अनूठा संदेश पूरे क्षेत्र में गूंज रहा है। दोनों ने न केवल व्यक्तिगत साहस दिखाया, बल्कि सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देकर प्रेम की सार्वभौमिकता को साबित किया। इस ऐतिहासिक कदम की सराहना दूर-दूर तक हो रही है।

अभिषेक की फोन कॉल से गदगद कुलतली: राखी-रिया बनीं मिसाल

डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी ने सांसद बापी हालदार के मोबाइल फोन से दोनों को व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “राखी और रिया ने सिद्ध कर दिया कि सच्चा प्रेम न लिंग का बंधन मानता है, न धर्म का। यह मानवता की जीत है। कुलतली जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकला यह संदेश पूरे बंगाल और देश के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।” सांसद ने आश्वासन दिया कि कुलतली का विकास अब डायमंड हार्बर की तर्ज पर तेज गति से होगा। सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने शीघ्र ही क्षेत्र का दौरा करने की घोषणा भी की। सांसद का संदेश सुनकर गांववालों की आंखें नम हो गईं। पूरा गांव खुशी से झूम उठा। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं—सबने तालियां बजाकर दोनों का स्वागत किया। कई ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार किसी सांसद ने इतनी संवेदनशीलता दिखाई।

सम्मान समारोह में गूंजी तालियां: कुलतली ने मनाया प्रेम का उत्सव

सोमवार को आयोजित सम्मान समारोह में कुलतली के विधायक गणेश चंद्र मंडल, दक्षिण 24 परगना जिला परिषद की सभाधिपति नीलिमा मिस्त्री विशाल और स्थानीय पंचायत प्रधान असीम हालदार मुख्य अतिथि रहे। विधायक मंडल ने कहा, “यह विवाह सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि पूरे समाज का उत्सव है।” सभाधिपति नीलिमा ने दोनों को शॉल और फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया। पंचायत प्रधान असीम हालदार ने घोषणा की कि गांव में दोनों के नाम पर एक सामुदायिक केंद्र बनाया जाएगा, जहां युवतियां शिक्षा और स्वावलंबन की ट्रेनिंग लेंगी। ग्रामीणों ने एक स्वर में दोनों के साहस की प्रशंसा की। एक बुजुर्ग महिला ने कहा, “हमारे जमाने में यह सोचना भी पाप था, लेकिन ये लड़कियां ने साबित कर दिया कि प्रेम से बड़ी कोई दीवार नहीं।” युवाओं ने सोशल मीडिया पर ट्रेंड चलाया। स्थानीय स्कूलों में भी इस घटना को प्रेरणा के रूप में चर्चा किया जा रहा है। कुलतली आज गर्व से कह सकता है—यहां से निकला संदेश पूरे देश को प्रेम का पाठ पढ़ा रहा है।

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