कोलकाता : महानगर में सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन निवेश करने पर मोटा रिटर्न मिलने का लालच देकर एक डॉक्टर से 36 लाख रुपये ठग लिये गये। इस मामले में सीआईडी की टीम ने एक प्राइवेट बैंक के कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त का नाम अमित कुमार घोष बताया गया है। उसे कोलकाता के सरसुना इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले सीआईडी की टीम ने इस मामले में प्रसेनजीत रंजन नाथ नामक एक फिल्म प्रोड्यूसर को गिरफ्तार किया था। ठगी की राशि में से 18 लाख रुपये उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किये गये थे। उससे पूछताछ के बाद अब सीआईडी की टीम ने अमित कुमार घोष को गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला ?
पुलिस के अनुसार डॉ. राज कुमार भट्टाचार्य ने दो महीनों में कुल दस बार अलग-अलग लेन-देन किए, जिससे उन्हें 36 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई। पहले इस मामले की जांच बारासात साइबर पुलिस कर रही थी, जिसने 7 मार्च 2025 को एक आरोपित देबाशीष रॉय को गिरफ्तार किया था। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 16 मई 2025 को यह मामला सीआईडी पश्चिम बंगाल को स्थानांतरित किया गया। जांच के दौरान यह सामने आया कि 18 लाख की राशि 'द लोकल ब्रांड शॉप' नामक एक कंपनी के खाते में ट्रांसफर की गई थी, जिसे एक फिल्म निर्माता प्रसेनजीत रंजन नाथ संचालित कर रहा था। नाथ को 25 जून 2025 को सीआईडी की साइबर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। जांच में आगे खुलासा हुआ कि अमित घोष (34), इस ठगी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। अमित घोष एक प्राइवेट बैंक का कर्मचारी है। उसे 10 जुलाई को बारासात साइबर थाना के मामले में गिरफ्तार किया गया। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2)/319(4)/316(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, साथ ही धारा 338 और 336(3) भी जोड़ी गई हैं। आरोपित को शुक्रवार को बारासात के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ उसे 13 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।