कोलकाता : फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी बैंक से करीब 18.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि एक रियल एस्टेट परियोजना में फ्लैटों की बार-बार बिक्री दिखाकर और जाली कागजात के आधार पर गृह ऋण हासिल कर करोड़ों रुपये की ठगी की गई। मामले में शेक्सपियर सरणी थाने में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं। दोनों मामलों की जांच कोलकाता पुलिस की डीडी की एंटी बैंक फ्रॉड सेक्शन द्वारा की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में आरोपियों ने शेक्सपियर सरणी क्षेत्र स्थित एक निजी बैंक के समक्ष एक आवासीय परियोजना प्रस्तुत कर 45 गृह ऋणों के लिए आवेदन किया। दस्तावेजों के आधार पर बैंक ने 13.98 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर कर दिया। शुरुआती कुछ किस्तें चुकाने के बाद ऋण का भुगतान बंद कर दिया गया। जब बैंक ने ऋणधारकों से संपर्क करने की कोशिश की तो कई लोगों का पता नहीं चला। इसके बाद जांच में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि 45 फ्लैटों का कुल 133 बार पंजीकरण कराया गया था। यानी औसतन प्रत्येक फ्लैट को तीन बार बेचा या पंजीकृत दिखाया गया। इसके लिए कई फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, बैंक को ऐसे दस्तावेज दिखाए गए थे जिनसे यह प्रतीत होता था कि कथित खरीदार आर्थिक रूप से सक्षम हैं। इन्हीं कागजातों के आधार पर गृह ऋण मंजूर कराए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में वर्ष 2018 से इस आवासीय परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। परियोजना में आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की इकाइयों का प्रस्ताव था तथा चार टावर बनाने की योजना थी। इनमें से टावर संख्या 1 और 4 के निर्माण के लिए बैंक से ऋण लिया गया था। हालांकि बाद में परियोजना का काम ठप पड़ गया। शिकायत मिलने के बाद लालबाजार के जासूसों ने संबंधित रियल एस्टेट कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी उपलब्ध नहीं हुआ। पुलिस का दावा है कि अधिकांश आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हैं। जिन लोगों के नाम पर ऋण लिया गया, उनकी पहचान को लेकर भी सवाल हैं। जांच एजेंसियां उनकी तलाश कर रही हैं। इसी बीच, उसी निजी बैंक ने एक अन्य शिकायत में आरोप लगाया है कि दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट स्थित हिंदुस्तान पार्क क्षेत्र में एक भूखंड पर निर्माण परियोजना दिखाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 4 करोड़ 41 लाख रुपये का गृह ऋण ले लिया गया। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ शेक्सपियर सरणी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने दोनों मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।