कोलकाता : पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षक-छात्र अनुपात को संतुलित करने के लिए सरप्लस शिक्षकों के तबादले के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।
सूत्रों के अनुसार, जिला स्कूल निरीक्षकों को इस संबंध में निर्देश भेज दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को पसंद के तीन स्कूल चुनने का विकल्प मिलेगा, जबकि वरिष्ठता और शिक्षण अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार, पहले उन स्कूलों की सूची तैयार होगी जहां छात्र संख्या शून्य या बेहद कम है। इसके बाद वहां के सरप्लस शिक्षकों की सूची प्रकाशित की जाएगी। जिन स्कूलों में स्वीकृत पद नहीं होने के बावजूद शिक्षकों की जरूरत है, वहां इन शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय में अपनी पसंद नहीं बताता या चुने गए स्कूलों में रिक्ति नहीं होती, तो प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर उसे किसी भी स्कूल में भेजा जा सकेगा और यह निर्णय अंतिम होगा। विभाग का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए, लेकिन राज्य के कई स्कूलों में यह अनुपात असंतुलित है।
हालांकि, शिक्षक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। बंगीय शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत 57 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों का तबादला नहीं किया जा सकता, जबकि नई प्रक्रिया में वरिष्ठ शिक्षकों को भी शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बंद स्कूलों को फिर से शुरू करने की मांग भी की है।