कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के चांसलर आरएन रवि की चुप्पी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को विधान भवन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सवाल किया, “जब जादवपुर में इतना कुछ हो रहा है तो चांसलर चुप क्यों हैं?”
शुभंकर ने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार राज्यपाल जादवपुर विश्वविद्यालय के चांसलर हैं। परिसर में राजनीतिक तनाव, छात्रों के बीच टकराव और लगातार विवाद के बावजूद उन्होंने अब तक एक बार भी हस्तक्षेप नहीं किया। उन्होंने कहा कि पहले सक्रिय चांसलर का उदाहरण राज्य देख चुका है। तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के विश्वविद्यालय में घिरने पर खुद परिसर पहुंचकर उन्हें बाहर निकाला था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा जादवपुर में जबरन अपनी ‘मनुवादी’ विचारधारा थोपना चाहती है। नियमों को ताक पर रखकर छात्रों पर हमले किये जा रहे हैं और उन्हें आतंकवादी व राष्ट्रविरोधी बताने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा, “राज्यपाल को किसी राजनीतिक पक्ष के लिए नहीं, बल्कि निष्पक्ष चांसलर के रूप में आगे आना चाहिए और परिसर में शांति बहाल करनी चाहिए।”
शुभंकर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लोक भवन में मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने नेहरू, गांधी सहित कई कांग्रेस नेताओं को नजरअंदाज करते हुए नये राष्ट्रवादी आंदोलन की चर्चा की और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को प्रमुखता दी।
उन्होंने सवाल किया, “आज जब देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक पर हमला हो रहा है, तब वही चांसलर मौन क्यों हैं?” उन्होंने छात्रों-शिक्षकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और जादवपुर की ऐतिहासिक विरासत की रक्षा की मांग की।