कोलकाता : पश्चिम बंगाल में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में पश्चिम बंगाल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) ने बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत शहरों की सड़कों और गलियों में फैले ओवरहेड बिजली के तारों को हटाकर भूमिगत केबल नेटवर्क बिछाया जाएगा।
परियोजना के पहले चरण में राज्य के छह शहरों को शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य केवल शहरों का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि बिजली आपूर्ति को मौसम और बाहरी कारणों से होने वाली बाधाओं से बचाना तथा वितरण प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित बनाना भी है।
इन छह शहरों से होगी परियोजना की शुरुआत
पहले चरण के लिए WBSEDCL ने कांथी, एगरा, जलपाईगुड़ी, बालुरघाट, अलीपुरद्वार और सूरी को चुना है। इन शहरों में मौजूदा ओवरहेड बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर जमीन के नीचे केबल बिछाने की योजना है।
भूमिगत केबल नेटवर्क तैयार होने के बाद सड़कों के किनारे बिजली के खंभों और उनके बीच फैले तारों पर निर्भरता कम होगी। इससे खासकर घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में बिजली वितरण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
तूफान और बारिश में बिजली कटौती का खतरा होगा कम
भूमिगत बिजली नेटवर्क का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि तेज बारिश, आंधी और तूफान के दौरान बिजली के तार टूटने या उनके संपर्क में आने से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। वर्तमान में पेड़ों की शाखाएं गिरने, तेज हवाओं या खराब मौसम के कारण ओवरहेड तार के क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
भूमिगत केबलों के इस्तेमाल से ऐसे बाहरी कारणों का सीधा प्रभाव बिजली नेटवर्क पर कम पड़ेगा। इससे बार-बार होने वाले पावर कट और लाइन फॉल्ट में कमी आने की उम्मीद है।
सड़कों से हटेगा तारों का जाल, शहरों की खूबसूरती भी बढ़ेगी
शहरी इलाकों में बिजली और दूसरी सेवाओं के ओवरहेड तार अक्सर सड़कों और गलियों के ऊपर फैले दिखाई देते हैं। कई जगहों पर तारों का जाल यातायात और पैदल आवाजाही के बीच भी अव्यवस्था पैदा करता है।
भूमिगत केबल बिछाए जाने के बाद सड़कों और बाजार क्षेत्रों में लटकते तारों की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। इससे शहरों का स्वरूप अधिक साफ-सुथरा और व्यवस्थित नजर आएगा।
भूमिगत बिजली नेटवर्क को मौसम से होने वाले नुकसान से अपेक्षाकृत बेहतर सुरक्षा मिलती है। इससे बार-बार तारों की मरम्मत और लाइन बदलने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही बिजली वितरण प्रणाली में होने वाले तकनीकी नुकसान को नियंत्रित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
WBSEDCL की यह पहल राज्य के शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को सुरक्षित, आधुनिक और अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। छह शहरों में पहले चरण के अनुभव के आधार पर भविष्य में इस तरह की परियोजनाओं का दायरा अन्य शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाया जा सकता है।