सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पोस्ता इलाके के प्रतिष्ठित व्यवसायी और पोस्ता बाजार मर्चेंट्स एसोसिएशन के महासचिव विश्वनाथ अग्रवाल (73) पर हुए हमले और बदसलूकी के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को अदालत से तगड़ा झटका लगा है। मंगलवार को बैंकशाल अदालत ने एक महिला सहित चारों आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 16 जुलाई तक जेल हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया है। अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए दलील दी कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों को राहत नहीं मिलनी चाहिए। वहीं, आरोपियों के वकील फजले अहमद खान ने किसी भी शर्त पर जमानत देने की मांग की, लेकिन न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका नामंजूर कर दी।
सभी हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए व्यापारियों की मौन रैली
एक तरफ अदालत ने आरोपियों को जेल भेजा, वहीं दूसरी तरफ पुलिस पर बाकी दोषियों को पकड़ने का दबाव तेज हो गया है। पोस्ता बाजार मर्चेंट्स एसोसिएशन का आरोप है कि पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके विरोध में मंगलवार को दोपहर स्थानीय व्यापारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर एक मौन रैली निकाली। बता दें कि इस घटना के विरोध में पिछले गुरुवार को एशिया का यह सबसे बड़ा थोक बाजार पूरी तरह बंद रहा था। इस घटना में पीड़ित व्यवसायी विश्वनाथ अग्रवाल ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए चार लोगों को गिरफ्तार जरूर किया है, लेकिन हमने उन्हें जो सीसीटीवी फुटेज सौंपी है, उसमें साफ दिख रहा है कि कार्यालय में घुसकर धक्का-मुक्की और मारपीट करने वाले कई और लोग वहां मौजूद थे। आखिर पुलिस ने उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया? हम कारोबारी हैं, हमें सुरक्षित माहौल चाहिए। हम मुख्यमंत्री से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हैं।"