कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में हाल में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने राजनीतिक दलों से छात्र आंदोलन से दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों को पेशेवर राजनेताओं द्वारा अपने राजनीतिक हितों के लिए हाइजैक नहीं किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में दासगुप्ता ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा चाहे वामपंथी हो या दक्षिणपंथी, जादवपुर विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ और विश्वविद्यालय के लोगो के साथ कथित बेअदबी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि जेयू का लोगो राष्ट्रवादी कलाकार नंदलाल बोस ने डिजाइन किया था और विश्वविद्यालय का संबंध राष्ट्रवादी आंदोलन तथा श्री अरविंद से रहा है। इसलिए संस्थान की ऐतिहासिक विरासत का सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन छात्रों तक ही सीमित रहना चाहिए और राजनीतिक हस्तक्षेप से छात्रों की आवाज प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
दासगुप्ता की टिप्पणी के बीच बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी छात्र विरोध-प्रदर्शन और असहमति के अधिकार को लोकतंत्र का अहम हिस्सा बताया। वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने विश्वविद्यालय परिसर में कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
वहीं जादवपुर की भाजपा विधायक शर्बरी मुखर्जी ने सफाई दी कि घटना वाली रात वह विश्वविद्यालय परिसर में गई ही नहीं थीं और छात्रों के बीच हिंसा भड़काने की कोशिश नहीं की।