कालीपूजा और दीपावली पर छतों की होगी निगरानी,
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कालीपूजा और दीपावली के दौरान बहुमंजिली इमारतों की छतों पर प्रतिबंधित पटाखे फोड़ने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोलकाता पुलिस ने विशेष तैयारी की है। कई आवासीय परिसरों में रात के समय मुख्य द्वार पर ताला लगाकर और लिफ्ट बंद कर छतों पर आतिशबाजी करने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त अजय नंद ने सभी थानों के प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों की बहुमंजिली इमारतों की आवासीय समितियों (आरडब्ल्यूए) के साथ बैठक कर पहले से ही चेतावनी देने को कहा गया है।
शुक्रवार को लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विभिन्न थानों के प्रभारियों के साथ बैठक में पुलिस आयुक्त ने कहा कि कुछ आवासीय परिसरों में देर रात मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाता है और लिफ्ट की सुविधा भी रोक दी जाती है। इसके बाद छतों पर प्रतिबंधित पटाखे फोड़े जाते हैं। इससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती है। ऐसी घटनाओं की शिकायत मिलने पर पुलिस जब मौके पर पहुंचती है, तो मुख्य द्वार बंद मिलता है। कई बार केयरटेकर या निवासी भी दरवाजा खोलने में आनाकानी करते हैं, जिससे कार्रवाई में बाधा आती है।
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया है कि शनिवार तक सभी थाना प्रभारी अपने-अपने इलाकों की बहुमंजिली इमारतों की समितियों के साथ बैठक पूरी कर लें। इस दौरान उन्हें पुलिस की ओर से जारी जागरूकता संबंधी पर्चे और पोस्टर भी सौंपे जाएंगे। समितियों को स्पष्ट रूप से बता दिया जाएगा कि किसी भी इमारत की छत से प्रतिबंधित पटाखे फोड़ने की आवाज आने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आवासीय समिति के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। छतों पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस आसपास की इमारतों से दूरबीन के जरिये निगरानी करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रतिबंधित आतिशबाजी करने वालों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करना है।
दमकल की गाड़ियों को रास्ता दिखाएंगे पुलिसकर्मी
आग लगने जैसी आपात स्थिति में दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक दमकल केंद्र पर पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। संकरी गलियों और रास्तों से दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचाने में ये पुलिसकर्मी मदद करेंगे। इसके अलावा, अवैध आतिशबाजी पर रोक लगाने और संकरी गलियों में निगरानी बढ़ाने के लिए 100 से अधिक ऑटो और थानों की बाइक से पुलिसकर्मी गश्त करेंगे। इससे उन इलाकों में भी पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जा सकेगी, जहां बड़े पुलिस वाहन आसानी से नहीं पहुंच पाते।
छठ और विसर्जन के लिए भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम
बैठक में छठ और कालीपूजा के विसर्जन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। छठ के दौरान महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी को देखते हुए प्रमुख सड़कों, गंगा घाटों और विभिन्न सरोवरों पर अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं, कालीपूजा के विसर्जन के दौरान भी घाटों और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। घाटों की साफ-सफाई के लिए कोलकाता नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन समूह (डीएमजी) के कर्मियों तथा नौकाओं की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिस का जोर त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आगजनी और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने पर है।