शहीद मिनार में संवाददाताओं को संबोधित करते सीपी अजय नंद, मंत्री कौशिक चौधरी. डीजी फायर अनज शर्मा और भाजपा नेता संतोष पाठक 
कोलकाता सिटी

दिवाली से 48 घंटे पहले बाजारों में अवैध पटाखों पर पुलिस की सख्ती

ऊंची इमारतों में नियमों के पालन के लिए बनाई गईं विशेष टीमें

Deepak Mishra

प्रतिबंधित पटाखे फोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दिवाली से पहले अवैध पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कोलकाता पुलिस ने सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। लालबाजार में पुलिस आयुक्त अजय नंद के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी थानों को स्थानीय बाजारों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। पुलिस को आशंका है कि दिवाली से 48 से 72 घंटे पहले छोटे-बड़े बाजारों में अवैध पटाखों की बिक्री शुरू हो जाती है। इसे देखते हुए इस बार दिवाली से 48 घंटे पहले ही विभिन्न बाजारों में विशेष अभियान चलाकर छापेमारी की जाएगी। पुलिस की निगरानी केवल दोपहिया वाहनों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑटो रिक्शा पर भी नजर रखी जाएगी। आमतौर पर काली पूजा के दिन पटाखों की ढुलाई के लिए ऑटो का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से खुले में बेचे जा रहे पटाखों पर नजर रखने को कहा गया है, क्योंकि इनमें से अधिकतर के अवैध होने की आशंका है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को अपने खुफिया सूत्रों को सक्रिय कर गोदामों से अवैध हथियारों की बरामदगी बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है।

एक संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस बार छोटे बाजारों में भी दिवाली से 48 घंटे पहले छापेमारी की योजना बनाई गई है। अधिकारियों को खुले पटाखों की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। साथ ही गोदामों में अवैध हथियारों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। बुधवार को शहीद मीनार स्थित बाजी बाजार में पुलिस आयुक्त अजय नंद ने बताया कि ऊंची इमारतों में पटाखे फोड़ने से संबंधित नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें हाईराइज इमारतों की समितियों के सदस्यों से मुलाकात करेंगी और उन्हें निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहेंगी।

पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन कर गैर-हरित पटाखे फोड़ने और निर्धारित समय सीमा के बाद आतिशबाजी करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसे मामलों में लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवहेलना से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं लगाई जा सकती हैं।


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