सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) परिसर के बाहर रविवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में एफआईआर दर्ज की है। इस हिंसक झड़प में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जबकि संस्थान के छात्रों और प्रोफेसरों पर पथराव का आरोप लगा है।
पहली एफआईआर पंचसायर पुलिस स्टेशन में एसआरएफटीआई के डीन की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रविवार को बंगीय हिंदू जागरण मंच के समर्थकों ने मुख्य द्वार तोड़कर परिसर के भीतर घुसने की कोशिश की। इस दौरान गेट के भीतर मौजूद छात्रों और प्राध्यापकों पर पथराव किया गया और पानी की बोतलें फेंकी गईं। हमले के दौरान बचाव के लिए छात्र और प्रोफेसर हेलमेट पहने नजर आए।
दूसरी एफआईआर सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन में पुलिस अधिकारी अरिंदम मुखर्जी की शिकायत पर ''सुओ मोटो'' (स्वतः संज्ञान) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार, रविवार शाम लगभग 4:45 बजे पियरलेस अस्पताल के पास ईएम बाईपास के सर्विस रोड पर बंगीय हिंदू जागरण मंच की रैली में करीब 500 से 600 प्रदर्शनकारी पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें एसआरएफटीआई के मुख्य द्वार की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे। आरोप है कि उग्र भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।
छह पुलिसकर्मी हुए घायल
इस झड़प में एएसआई उत्पल कुमार, कांस्टेबल मोहम्मद इमदाद अली, राजू तालुकदार, महेंद्र नाथ सोरेन, हैदर अली और सिविक वॉलेंटियर निर्मल पाल घायल हो गए। शिकायतकर्ता एसआई अरिंदम मुखर्जी ने भी खुद के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
यह घटना 27 सितंबर को संस्थान के बाहर हुई हिंसा के ठीक एक सप्ताह बाद सामने आई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या हालिया घटना भी पुरानी कड़ी का ही हिस्सा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की पहचान के लिए क्षेत्र के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।