शारीरिक अस्वस्थता का हवाला देकर बेटी ने टाली पेशी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : दुर्गापूजा टिकट बिक्री के पैसों में हेराफेरी के मामले में कोलकाता पुलिस ने पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। वहीं, स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इंद्रनील की बेटी अवेरी सेन मंगलवार को लालबाजार में पेश नहीं हुईं। उन्हें अब बुधवार को दोबारा तलब किया गया है।
बेटी के खाते में गए थे घोटाले के पैसे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टिकट घोटाले की रकम कथित तौर पर अवेरी सेन के खाते में ट्रांसफर हुई थी, इसलिए जांचकर्ता उनसे पूछताछ करना चाहते हैं। उन्हें पेश होने के लिए दो बार नोटिस भेजी जा चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर वह पेश नहीं हुईं। अब उन्हें बुधवार दोपहर 2 बजे लालबाजार में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। यदि वह इस बार भी पेशी से बचती हैं, तो पुलिस उन्हें दोबारा नोटिस भेजने के साथ-साथ गिरफ्तारी के विकल्प पर भी विचार में रख रही है।
पत्नी ने पति पर फोड़ा ठीकरा
लालबाजार सूत्रों के अनुसार, लगातार दो दिनों तक चली पूछताछ के दौरान इंद्रनील और उसकी पत्नी मधुछंदा को आमने-सामने बैठाया गया। इस दौरान कई सवालों पर दोनों के जवाबों में भारी अंतर पाया गया। मधुछंदा ने दावा किया कि वह ‘मास आर्ट’ संस्था में केवल नाममात्र की निदेशक थीं और इंद्रनील जैसा कहते थे, वह वही करती थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन वित्तीय मामलों को लेकर दोनों के बीच पारिवारिक कलह और अशांति भी रहती थी।
एसआईटी का दायरा बढ़ा
इस मामले की जांच के लिए पुलिस उपायुक्त (विशेष) के नेतृत्व में पहले से ही एक पांच सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया था। अब इस टीम में गुप्तचर विभाग की एंटी चीटिंग सेक्शन के चार और अधिकारियों को शामिल कर लिया गया है, जिससे एसआईटी में सदस्यों की कुल संख्या बढ़कर नौ हो गई है। फिलहाल कोलकाता पुलिस 13 दिनों की रिमांड पर लेकर इंद्रनील से पूछताछ कर रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इंद्रनील जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं और उनके कई जवाब संदेहास्पद हैं। यूनेस्को की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है, इसलिए दिल्ली स्थित कार्यालय में फिर से पत्राचार किया जाएगा। इस बीच, मामले में दर्ज एफआईआर को पुनर्गठित किए जाने की संभावना है। पुलिस इसमें पश्चिम बंगाल सार्वजनिक व्यवस्था रखरखाव अधिनियम (वेस्ट बंगाल प्रीवेंशन ऑफ पब्लिक डिसऑर्डर एक्ट ) की धाराएं जोड़ने पर विचार कर रही है। इसके लिए पुलिस बुधवार या गुरुवार को अदालत का रुख कर सकती है।