फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

वेलेंटाइन वीक में ऑनलाइन प्यार के नाम पर ठगी से रहें सावधान

‘एंजल प्रिया’ से किया गया अलर्ट

कोलकाता : वैलेंटाइन वीक की शुरुआत के साथ ही प्यार, दोस्ती और रिश्तों की तलाश में लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय हो जाते हैं। लेकिन इसी मौके का फायदा उठाकर साइबर ठग और फ्रॉड करने वाले गिरोह भी सक्रिय हो जाते हैं। फर्जी प्रोफाइल, झूठे रिश्ते और भावनात्मक बातों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाना अब आम होता जा रहा है। खासकर सिंगल लोग या नए रिश्ते की तलाश में रहने वाले युवा ऐसे मामलों में आसानी से शिकार बन जाते हैं। कई मामलों में लोगों से मोटी रकम की ठगी की जाती है, तो कई बार उनकी निजी जानकारी का दुरुपयोग किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि वैलेंटाइन वीक के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए और किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न किया जाए। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

आई4सी ने ‘एंजल प्रिया’ से किया सतर्क

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने नागरिकों को सतर्क करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा की है। पोस्ट में कहा गया है कि डेटिंग स्कैम के नाम से सक्रिय ‘एंजल प्रिया’ प्यार के नाम पर लोगों को धोखा दे सकती है। आई4सी ने चेतावनी दी है कि यदि डेटिंग साइट या ऐप पर मिला कोई दोस्त निवेश या हाई रिटर्न का लालच देता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। वैलेंटाइन वीक के अवसर पर आई4सी ‘रोमांस स्कैम प्रिवेंशन वीक’ भी मना रहा है, जिसके तहत ऑनलाइन डेटिंग के जरिए होने वाली ठगी को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

पहले मीठी बातें, फिर ठगी का जाल

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन दिनों डेटिंग ऐप्स का चलन तेजी से बढ़ा है। कई युवक ऐप के माध्यम से युवतियों से दोस्ती करते हैं और धीरे-धीरे बातचीत शुरू होती है। कुछ दिनों बाद युवती क्रिप्टोकरेंसी या अन्य ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देती है। युवक जैसे ही निवेश करता है, वह ठगी का शिकार हो जाता है। पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी लोग टूट जाते हैं।

ऐसी ठगी से कैसे बचें

1. अनजान प्रोफाइल से सतर्क रहें

2. अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें

3. पैसे मांगने वालों से दूरी बनाए रखें

4. संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें

5.किसी भी प्रोफाइल, मैसेज या कॉल पर शक होने पर उसे तुरंत संबंधित प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें । आवश्यकता पड़ने पर साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं

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