चीफ जस्टिस के बेंच में सुनवाई आज भी
जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की श्रीरामपुर सभा को हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने बृहस्पतिवार को अनुमति दे दी। हालांकि राज्य सरकार ने तीखा विरोध किया था। इसके बाद राज्य की तरफ से चीफ जस्टिस रवींद्र वी घुगे के बेंच में अपील दायर कर दी गई। सुनवाई अधूरी रह जाने के कारण शुक्रवार को फिर होगी।
चीफ जस्टिस ने तृणमूल कांग्रेस की तरफ से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी से सभा को अगले दिन तक टाले जाने का अनुरोध किया। इसी दौरान महेश के मैदान के मालिक की तरफ से सभा की अनुमति देने के विरोध में पिटीशन दायर कर दिया गया। यहां उल्लेखनीय है कि सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार ममता बनर्जी किसी जिले में सभा को संबोधित करेंगी। इससे पहले जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने एक विकल्प दिया कि रैली के बजाय सभा कर लीजिए। सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा की महेश के मैदान में सभा का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे एडिशन एडवोकेट जनरल ने अनुमति दी जाने का तीखा विरोध किया। उनकी दलील थी कि जीटी रोड की चौड़ाई कम है, शुक्रवार एक कार्य दिवस है, इस राह में छह स्कूल और वाल्स हॉस्पिटल भी है। अगर रैली की अनुमति दी जाती है तो रोड पर जाम लग जाएगा और इसका असर इन सब पर पड़ेगा। इसके बावजूद जस्टिस भट्टाचार्य सभा की अनुमति देने के पक्ष में बने रहे। इसके बाद एडिशनल एडवोकेट जनरल की दलील थी कि महेश का यह मैदान एक निजी संपत्ति है। सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि जीटी रोड पर से तमाम राजनीतिक दलों की रैली निकलती है। सरकार को सिर्फ तृणमूल कांग्रेस की रैली से एतराज है। उन्होंने मुख्यमंत्री की जादवपुर रैली का हवाला देते हुए सवाल किया क्या इससे सड़क जाम नहीं हुई थी। अब निपटारा शुक्रवार को होगा।