पार्क स्ट्रीट दूध विवाद 
कोलकाता सिटी

पार्क स्ट्रीट दूध विवाद: महिला के लिए कई घरों की हुई व्यवस्था

मंत्री अग्निमित्रा पॉल का दावा

कोलकाता : पार्क स्ट्रीट फुटपाथ पर दूध गर्म करने को लेकर हुए विवाद के केंद्र में रही सीता देवी उर्फ राशिदा के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा नेता और राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया है कि संबंधित महिला के लिए पहले भी कई बार आवास की व्यवस्था करने की कोशिश की गई थी।

वहीं, तत्कालिन घटनाक्रम के बाद महिला से मुलाकात कर उन्हें आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब पार्क स्ट्रीट इलाके में फुटपाथ पर रहने वाली महिला अपने पोते के लिए दूध गर्म कर रही थी।

इस दौरान वहां निरीक्षण के लिए पहुंचीं अग्निमित्रा पॉल ने फुटपाथ पर स्टोव जलाने को लेकर आपत्ति जताई थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया।


आवास को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज

महिला से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता नगर निगम को परिवार के लिए उचित आवास की व्यवस्था करने का निर्देश दिया जाएगा। महिला ने मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया।

अधिकारी ने यह भी कहा कि महिला ने घटना को लेकर किसी के खिलाफ शिकायत नहीं की है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गया है। अधिकारी ने पूर्व की तृणमूल सरकार पर फुटपाथ पर रहने वाले गरीब परिवारों की आवास संबंधी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

घटना पर अग्निमित्रा पॉल ने दी सफाई

अग्निमित्रा पॉल ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि व्यस्त और संकरे फुटपाथ पर केरोसिन स्टोव जलाना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक था। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य बच्चे को दूध से वंचित करना नहीं था, बल्कि आग से होने वाली संभावित दुर्घटना को रोकना था।

हालांकि उन्होंने यह भी माना कि महिला से बातचीत का तरीका अधिक संवेदनशील हो सकता था। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिला के परिवार की मदद की पेशकश की थी। उन्होंने अस्थायी आश्रय और बच्चे की शिक्षा में सहायता की बात कही थी।

विवाद के बाद अब महिला के लिए स्थायी आवास की व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहल शुरू होने की बात सामने आई है।

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