कोलकाता सिटी

विश्व पर्यावरण दिवस पर परिमल डे ने दक्षिण कोलकाता में किया विशाल पौधारोपण अभियान

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : यह साबित करते हुए कि एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है, प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता एवं समाजसेवी परिमल डे ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दक्षिण कोलकाता के गांगुली बागान क्षेत्र में सैकड़ों पौधों का वितरण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। यह पहल उनकी लंबे समय से चली आ रही “स्वच्छ, हरित और रंगीन पृथ्वी” बनाने की मुहिम का हिस्सा है।

इस कार्यक्रम में 100 से अधिक स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, पौधे प्राप्त किए और उन्हें लगाकर उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नितिन पटेल, सदस्य, भाजपा पश्चिम बंगाल राज्य परिषद एवं पूर्व उपाध्यक्ष, भाजपा दक्षिण कोलकाता जिला, तथा प्रियंका चटर्जी, प्रबंध निदेशक, स्टैंडर्ड पब्लिसिटी प्रा. लि. उपस्थित रहीं।

परिमल डे की पर्यावरणीय यात्रा जमीनी स्तर पर बदलाव का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है। वर्ष 2018 में उन्होंने एक दशकों पुराने कचरा डंपिंग ग्राउंड और उपेक्षित तालाब, जो असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन चुका था, को परिवर्तित कर आज के प्रसिद्ध ‘मदर अर्थ थीम पार्क’ का रूप दिया। परियोजना के शुरुआती दिनों में उन्हें कई प्रभावशाली स्थानीय समूहों के विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने संकल्प को कभी कमजोर नहीं होने दिया।

पिछले कुछ वर्षों में डे ने अनेक जनकल्याणकारी पहलें संचालित की हैं, जिनमें हरित सार्वजनिक स्थलों का निर्माण, बटरफ्लाई विलेज की स्थापना, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना, निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन वितरण, मच्छरजनित रोगों के खिलाफ जागरूकता अभियान तथा कोविड-19 महामारी के दौरान व्यापक राहत कार्य शामिल हैं। उनका वार्षिक विश्व पर्यावरण दिवस पौधा वितरण अभियान भी हजारों लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर चुका है।

इस अवसर पर परिमल डे ने कहा, “कचरे के ढेर को मदर अर्थ थीम पार्क में बदलने की यात्रा ने मुझे सिखाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं। रास्ते में कई बाधाएँ और विरोध आए, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी क्योंकि मेरा मानना है कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण मिलना चाहिए। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ की भावना से प्रेरित होकर, जिसका संदेश राज्य भर में लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहा है, मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि वे अपनी माँ के सम्मान में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएँ और उसकी देखभाल करें। प्रकृति की रक्षा केवल पर्यावरणीय कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है।”

जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में परिमल डे का यह जन-आंदोलन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि स्थानीय स्तर पर किया गया सामूहिक प्रयास भी पर्यावरण और समाज में स्थायी एवं सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

SCROLL FOR NEXT