रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिण 24 परगना : सुभाष ग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में भव्य और गरिमामय ढंग से मनाया गया। यह आयोजन केंद्र सरकार के अधीन पूर्वांचल सांस्कृतिक केंद्र द्वारा सुभाष ग्राम रेलवे मैदान में किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से पूर्वांचल सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. आशीष गिरी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, कलाकार, विद्यार्थी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पराक्रम दिवस के उपलक्ष्य में सुभाष ग्राम रेलवे मैदान से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पैतृक आवास तक एक प्रेरणादायी मार्च भी निकाला गया। मार्च में देशभक्ति के नारों और नेताजी के विचारों से जुड़ी झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान वातावरण देशभक्ति और गर्व की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया। डॉ. आशीष गिरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश में सुभाष ग्राम एकमात्र ऐसा गांव है, जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम विशेष गौरव के साथ जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि पराक्रम दिवस के अवसर पर पूरे दिन विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के अंतर्गत कठपुतली नाटकों के माध्यम से नेताजी के जीवन, उनके विचारों और उनके संघर्षों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही आजाद हिंद फौज के संघर्ष, बलिदान और युद्धों को भी नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया, जिससे युवा पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया गया। डॉ. गिरी ने यह भी बताया कि देशभर में कुल सात सांस्कृतिक केंद्र कार्यरत हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य भारत की विलुप्त होती शिल्प, कला और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। इस मौके पर प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। उल्लेखनीय है कि पूरे देश के 13 स्थानों पर पराक्रम दिवस मनाया गया। इस आयोजन को लेकर सुभाष ग्राम सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच विशेष उत्साह और गर्व की भावना देखने को मिली।