सांसद बापी हालदार मछुआरों के परिजन से मिलकर आर्थिक मदद देते हुए 
कोलकाता सिटी

पाकिस्तान की जेल में बंद तीन मछुआरों के परिजनों से मिले सांसद बापी

समुद्र में जलीय सीमा के उल्लंघन के आरोप में मछुआरों को तीन वर्ष पूर्व गिरफ्तार किया गया था सभी काकद्वीप नामखान के रहने के निवासी हैं

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

दक्षिण 24 परगना : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर मथुरापुर के तृणमूल सांसद बापी हालदार ने पाकिस्तान की जेल में बंद काकद्वीप अंतर्गत नामखाना ब्लॉक के नारायणपुर अंचल के नादाभांगा गांव के निवासी तीन मछुआरों—काशीनाथ मंडल (58), तपन महापात्र (50) और दिलीप बाग (48)—के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने मछुआरों के परिवार से बातचीत कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मछली पकड़ने के दौरान समुद्री सीमा में प्रवेश कर जाने पर तीनों को पाकिस्तान के तट रक्षक बल ने गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल वे पाकिस्तान के कराची स्थित जेल में बंद हैं। सूत्रों के मुताबिक, तीनों मछुआरे करीब तीन वर्ष पहले, यानी 2023 में, काम के सिलसिले में गुजरात गए थे। वहां उन्होंने एक ट्रॉलर मालिक से संपर्क कर मछली पकड़ने का काम शुरू किया था। इसी दौरान समुद्र में अनजाने में जलीय सीमा का उल्लंघन हो गया, जिसके बाद पाकिस्तान के तट रक्षक बल ने उन्हें गिरफ्तार कर कराची की जेल में भेज दिया। घटना की सूचना ट्रॉलर मालिक ने मछुआरों के परिवार को दी थी। पाकिस्तान जेल प्रशासन की ओर से परिवार की कई बार उनसे बातचीत भी करवाई गई थी। हालांकि, पिछले एक वर्ष से अधिक समय से परिवार की उनसे कोई बातचीत नहीं हो पाई है। इससे परिजन काफी चिंतित हैं।

सांसद बापी हालदार का बयान:

सांसद ने कहा कि पाकिस्तान की जेल में बंद तीनों मछुआरों के परिवार भाजपा समर्थक हैं। परिवार ने पिछले तीन वर्षों से राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने उन्हें परिवार से मिलकर आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने परिवार से मुलाकात कर आर्थिक मदद दी। सांसद ने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी की पहल पर पहले इराक में फंसे लोगों को स्वदेश वापस लाया गया था। तीनों मछुआरों की वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से बातचीत की जा रही है।

SCROLL FOR NEXT